तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया गया विशेष जोर
जंगलवार स्थित एस टी एफ बटालियन कैंप में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर सी ठाकुर तथा मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर विमल चंद्र भगत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर का उद्देश्य जवानों और अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना, तनाव प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान करना रहा।
शिविर में नोडल अधिकारी के रूप में डॉक्टर के के ध्रुव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ डॉक्टर गीतिका मुकेस जैन, प्रदीप जैन, आशीष जैन, खागेंद्र पटेल एवं योगेश ध्रुव ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। सभी विशेषज्ञों ने सामूहिक रूप से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की और उपस्थित जवानों को व्यक्तिगत परामर्श भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान तनाव, अवसाद, अनिद्रा, कार्य संबंधी दबाव तथा पारिवारिक कारणों से उत्पन्न मानसिक समस्याओं पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, सकारात्मक सोच और समय-समय पर परामर्श लेने से मानसिक समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तम्बाकू सेवन से होने वाले शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि तम्बाकू न केवल कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। जवानों को तम्बाकू त्यागने के लिए प्रेरित किया गया तथा आवश्यक होने पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
शिविर में उपस्थित जवानों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। व्यक्तिगत परामर्श सत्रों में कई जवानों ने तनाव और अनिद्रा से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की, जिनका मौके पर समाधान और आवश्यक सलाह प्रदान की गई।
आयोजन के अंत में अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि बल के सदस्यों का मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ बना रहे और वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ कर सकें। कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरी चिकित्सा टीम और बटालियन प्रशासन का सराहनीय योगदान रहा।



