Home Blog कलेक्टर-सीईओ के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण हुआ पक्की नाली का कार्य!

कलेक्टर-सीईओ के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण हुआ पक्की नाली का कार्य!

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महात्मा गाँधी रोजगार गरंटी योजना से किसानो के खेतो को मिलेगा जीवनदान!

ग्राम पंचायत खुरदरहा में उत्कृष्ट निर्माण तकनीकी टीम और सरपंच की मेहनत लाई रंग!

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सरसींवा (सारंगढ़-बिलाईगढ़):- जनपद पंचायत बिलाईगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत खुरदरहा (आश्रित ग्राम–कोदोपाली) में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कलेक्टर डॉ. संजय कनौजे एवं जिला पंचायत सीईओ इन्द्रजीत बर्मन के मार्गदर्शन में लगभग 18.91 लाख रुपये की लागत से रामायण खेत से छत्तर खेत तक पक्की नाली निर्माण कार्य स्वीकृत होकर सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया जो अब ग्रामीणों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है।

ग्राम पंचायत एवं तकनीकी सहायक लिकेश कुमार के नेतृत्व में यह निर्माण कार्य गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए कराया गया। कार्य में तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा गया जिससे नाली मजबूत, टिकाऊ और उपयोगी बनी है। इस पक्की नाली के निर्माण से अब जंगल से आने वाला पानी सीधे नाली के माध्यम से किसानों के खेतों तक आसानी से पहुंच सकेगा जिससे लगभग 15 से 20 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। पहले जहां किसानों को धान की फसल के दौरान पानी की कमी से जूझना पड़ता था वहीं अब इस समस्या का स्थायी समाधान हो गया है, जिससे ग्रामीणों में खुशी और संतोष का वातावरण है।

तकनीकी सहायक लिकेश कुमार ने बताया कि यह कार्य कलेक्टर एवं जिला सीईओ के मार्गदर्शन अनुसार पूरी गुणवत्ता के साथ कराया गया है। उन्होंने विशेष रूप से एपीओ शशिकांत गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्देशानुसार कार्य स्थल का चयन उपयोगिता के आधार पर किया गया। साथ ही CLART MAP एवं BHUVAN APP जैसे आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग कर सटीक स्थान चिन्हांकन किया गया, जिससे कार्य की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी। इस कार्य की सफलता में ग्राम पंचायत, सरपंच एवं पूरी टीम की सक्रिय भागीदारी और समन्वय सराहनीय रहा।

सभी के सामूहिक प्रयास से यह निर्माण कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण हुआ, जो ग्रामीण विकास की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रशासनिक अधिकारियों के कुशल नेतृत्व और तकनीकी टीम की मेहनत से यह कार्य न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बना बल्कि गांव की कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है जिसकी ग्रामीणों द्वारा खुलकर प्रशंसा की जा रही है।

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