Youth Congress Stages Vigorous Siege and Lockout in Raigarh; Youth Take to the Streets Demanding Protection for Industrial Workers.
भारी संख्या में पुलिस रही मौजूद
जिले में पहली बार विभाग के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन
रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं, श्रमिकों की दर्दनाक मौतों, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उद्योग प्रबंधन की जवाबदेही तय नहीं होने के खिलाफ आज जिला युवा कांग्रेस रायगढ़ ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी करते हुए ऐतिहासिक आंदोलन किया। श्रमिक सुरक्षा के मुद्दे पर जिले में पहली बार इस विभाग के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित हुआ, इससे जिससे प्रशासन और उद्योग जगत दोनों में हलचल मच गई।
यह आंदोलन प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय के एवं जिला अध्यक्ष उस्मान बेग के नेतृत्व में हुआ। सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेसी, कांग्रेसजन और श्रमिक हित से जुड़े लोग विभाग कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि हर बार दुर्घटना के बाद केवल मुआवज़ा देकर मामले को दबाने की कोशिश होती है, जबकि ऐसी सख्त कार्यवाही पहले क्यों नहीं होती जिससे दुर्घटनाएँ होने ही न पाएं।
आंदोलन के दौरान हाल ही में रूपाणाधाम स्टील प्रा. लि., गडगांव–सरायपाली, पूंजीपथरा में श्रमिक दीपक चौहान की दर्दनाक मृत्यु का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह घटना जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। यदि समय-समय पर प्रभावी निरीक्षण, सेफ्टी ऑडिट और जिम्मेदार उद्योग मालिकों पर कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा, वहीं प्रशासन एवं विभागीय अधिकारी पहले से मौजूद रहे। लंबे समय तक नारेबाजी और मांगों पर चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश महासचिव राकेश पांडेय ने कहा कि “यह आंदोलन केवल एक घटना के विरोध का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिले के हर उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के जीवन, सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई है। जब तक उद्योगों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, जिम्मेदार प्रबंधन पर दंडात्मक कार्रवाई और श्रमिक सुरक्षा के स्थायी मानक लागू नहीं होते, तब तक युवा कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। श्रमिकों की जान की कीमत सिर्फ मुआवज़ा नहीं हो सकती, दुर्घटनाएँ रोकने की व्यवस्था पहले सुनिश्चित करनी होगी।”
जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि “जिले में पहली बार श्रमिक सुरक्षा के मुद्दे पर इस विभाग का घेराव किया गया है। यह आंदोलन एक चेतावनी है कि अब हर आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और मौतों को सामान्य घटना मानकर नहीं छोड़ा जाएगा। रूपाणाधाम की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। हमारी मांग है कि सभी उद्योगों में सेफ्टी ऑडिट, ऊँचाई पर कार्य के लिए अनिवार्य सुरक्षा उपकरण, जिम्मेदार उद्योग मालिकों पर जवाबदेही और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
विभागीय अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जिले के सभी प्रमुख उद्योगों की संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सुरक्षा उपकरण, कार्यस्थल मानक, निरीक्षण व्यवस्था, दुर्घटना रोकथाम उपाय और जिम्मेदार प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि रूपाणाधाम सहित हालिया घटनाओं की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन, श्रम विभाग और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के समन्वय से उद्योग प्रबंधन के साथ विशेष बैठक आयोजित कर सभी सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निरीक्षण अभियान चलाने की बात भी कही गई।
इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव, विकास शर्मा,विकास ठेठवार,संदीप अग्रवाल,सत्यप्रकाश शर्मा सहित पूरी जिला कांग्रेस टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया गया।
आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेसी एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे, जिससे यह कार्यक्रम जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा।



