25वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर सेवा और संस्कार की मिसाल
रायगढ़। सामाजिक सरोकार और पारिवारिक संस्कारों का सुंदर संगम उस समय देखने को मिला जब शशि भूषण सिंह एवं गीता सिंह ने अपनी 25वीं वैवाहिक वर्षगांठ हर्षोल्लास और सेवा भाव के साथ मनाई। सिल्वर जुबली के इस विशेष अवसर पर परिवारजनों, शुभचिंतकों एवं समाज के लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
माता-पिता का लिया आशीर्वाद, परिवार संग साझा की खुशियां
वैवाहिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में शशि भूषण सिंह एवं उनकी पत्नी गीता सिंह ने अपने पिता राम नाथ सिंह एवं माता शारदा देवी का आशीर्वाद लेकर वैवाहिक जीवन की सुखद यात्रा के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों ने भी शुभकामनाएं देते हुए उनके दांपत्य जीवन की सराहना की।
कार्यक्रम में मुस्कान सिंह, साक्षी सिंह एवं आशुतोष सिंह ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन में पारिवारिक आत्मीयता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
वर्षगांठ को बनाया सेवा का माध्यम
अपनी वैवाहिक वर्षगांठ को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए शशि भूषण सिंह ने पूर्वांचल भोजपुरी समाज द्वारा संचालित “मां अन्नपूर्णा रसोई” के माध्यम से मातृ शिशु अस्पताल रायगढ़ में भर्ती मरीजों के परिजनों को निःशुल्क भोजन वितरण कराया। इस सेवा कार्य की लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
अस्पताल परिसर में जरूरतमंदों को ससम्मान भोजन उपलब्ध कराया गया, जिससे मरीजों के परिजनों के चेहरों पर संतोष और खुशी दिखाई दी। आयोजन के दौरान सेवा भावना और मानवीय संवेदनाओं का विशेष वातावरण बना रहा।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की रही उपस्थिति
भोजन वितरण कार्यक्रम में पूर्वांचल भोजपुरी समाज एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों की उपस्थिति रही। इस दौरान संरक्षक प्रेम नारायण मौर्य, घनश्याम सिंह, बिहारी लाल खत्री, शशि भूषण सिंह, विजय नारायण, संदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उपस्थित लोगों ने कहा कि जीवन के विशेष अवसरों को सेवा कार्यों से जोड़ना समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है और जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा मानवीय धर्म है।
सेवा और पारिवारिक मूल्यों का दिया संदेश
25वीं वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और पारिवारिक संस्कारों का भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। परिवार एवं समाज के लोगों ने शशि भूषण सिंह और गीता सिंह को वैवाहिक जीवन की सिल्वर जुबली पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल एवं सुखमय भविष्य की कामना की।



