शिविर में शासन की योजनाओं से लाभान्वित हुए सैकड़ों हितग्राही
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – विकासखंड उसूर के ग्राम पंचायत धर्माराम में आयोजित सुशासन त्योहार अंतर्गत समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत, भरोसे और अधिकार का बड़ा मंच बनकर सामने आया। शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत सैकड़ों हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया, जिसमें सबसे खास आकर्षण 400 ग्रामीणों को वनाधिकार पत्रों का वितरण रहा। वनाधिकार पत्र प्राप्त करते ही हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलकने लगा।
शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, जनपद पंचायत अध्यक्ष पूर्णिमा तेलंम, क्षेत्र के जनपद सदस्य, सरपंचगण एवं एसडीएम भूपेन्द्र गावरे, जनपद पंचायत सीईओ प्रभाकर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आसपास की 10 ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।
जनसमस्या निवारण शिविर में 19 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए समयबद्ध निराकरण का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 3 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। कृषि विभाग द्वारा 8 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) तथा 7 किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड प्रदान किए गए।
समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग हितग्राहियों को 1 श्रवण यंत्र, 1 कान मशीन, 4 वॉकिंग स्टिक एवं 1 बैसाखी वितरित की गई। वहीं एसबीआई आरसेटी (RSETI) द्वारा 10 युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
शिविर का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब 400 ग्रामीणों को वनाधिकार पत्र वितरित किए गए। वर्षों से प्रतीक्षित अधिकार मिलने पर ग्रामीणों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि वनाधिकार पत्र मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
शिविर में कुल 289 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं, मांगें और शिकायतें शामिल थीं। अधिकारियों ने सभी आवेदनों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन त्योहार के माध्यम से प्रशासन गांव तक पहुंचकर सीधे समस्याएं सुन रहा है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है और शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।



