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लैलूंगा के लारीपानी में बीच बस्ती संचालित अवैध ईंट भट्ठा, ग्रामीणों की सेहत और सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

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न पंचायत से एनओसी, न सरपंच को जानकारी, नियमों को दरकिनार कर कोयले से संचालित हो रहा भट्ठा

 

 

संवाददाता: सतीश शुक्ला लैलूंगा

 

लैलूंगा। विकासखंड लैलूंगा अंतर्गत ग्राम पंचायत लारीपानी में बीच रिहायशी बस्ती के भीतर संचालित लाल ईंट भट्ठा इन दिनों ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता और परेशानी का कारण बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भट्ठा संचालक द्वारा न तो ग्राम पंचायत से किसी प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त की गई है और न ही पंचायत प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई है। इसके बावजूद नियमों और मानकों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में ईंट निर्माण का कार्य धड़ल्ले से जारी है। जानकारी के अनुसार, भट्ठा घनी आबादी वाले क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है,जहां आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार निवास करते हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि भट्ठे के ठीक सामने आयुष केंद्र आरोग्य मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन मरीजों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे स्थान के समीप कोयले से संचालित भट्ठा न केवल स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा कर रहा है बल्कि पर्यावरणीय नियमों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि भट्ठे में लगातार कोयला झोंका जा रहा है, जिससे निकलने वाला धुआं पूरे क्षेत्र में फैल रहा है। गर्मी के इस मौसम में भट्ठे की तीव्र तपिश से आसपास का वातावरण और अधिक गर्म हो रहा है। इससे बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार व्यक्तियों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना या आगजनी की घटना घट सकती है। ग्रामीणों के अनुसार, शासन द्वारा लाल ईंट भट्ठा संचालन के लिए निर्धारित कई नियम और सुरक्षा मानक हैं, जिनका पालन किया जाना आवश्यक होता है। आबादी क्षेत्र से सुरक्षित दूरी, पर्यावरणीय स्वीकृति, पंचायत की जानकारी एवं अन्य विभागीय अनुमतियां आवश्यक मानी जाती हैं। लेकिन लारीपानी में संचालित इस भट्ठे में इन नियमों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है।

 

*जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर उठ रहे सवाल*

 

मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों की जानकारी में मामला होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता के कारण अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि लैलूंगा विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में बड़ी संख्या में लाल ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी कर कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन आज तक किसी भी भट्ठा संचालक पर प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

*क्या तहसील प्रशासन करेगा कार्रवाई?*

 

अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या तहसीलदार, राजस्व विभाग, खनिज विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंचायत विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करेंगे अथवा केवल औपचारिक खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेगा और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

ग्रामीणों की मांग तत्काल रोक लगाए जाए तथा लगे भट्ठा को जप्त की जाए

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि

अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे की तत्काल जांच कराई जाए एवं भट्ठा को जप्त किया जाए पंचायत से प्राप्त अनुमतियों एवं दस्तावेजों की जांच की जाए।

प्रदूषण एवं सुरक्षा मानकों का परीक्षण कराया जाए।

आबादी क्षेत्र में संचालित भट्ठे को तत्काल बंद कराया जाए।

दोषी पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जनता पूछ रही है सवाल

क्या बिना पंचायत की जानकारी और आवश्यक अनुमतियों के बीच बस्ती में ईंट भट्ठा संचालित किया जा सकता है? क्या ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को नजरअंदाज किया जाएगा? या फिर जिम्मेदार विभाग नियमों के पालन को सुनिश्चित करते हुए कार्रवाई करेंगे?

फिलहाल लारीपानी के ग्रामीण प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं और इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

 

क्या कहते सरपंच

 

सरपंच से बात करने पर बताया गया कि लाल ईट का निर्माण और भट्ठा लगाने वाले ने पंचायत से कोई दस्तावेज नहीं बनवाया है NOC जैसे पेपर कुछ नहीं दिया गया है और किस लिए बनाया जा रहा है हमें नहीं बताया है बस्ती अंदर भट्ठा लगाया गया है ओ गलत है भट्ठा का मालिक घरघोड़ा का मोहन सेठ है

दयाधन राठिया सरपंच ग्राम पंचायत लारीपानी

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