शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब, दो हजार से अधिक नागरिक रहे उपस्थित
गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ समापन समारोह
रायगढ़, 31 मई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (तरुण व्यवसायी) का भव्य एवं गरिमामय समापन रविवार सायंकाल शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में संपन्न हुआ। 16 मई से 1 जून तक वैदिक इंटरनेशनल स्कूल, पटेलपाली में आयोजित इस आवासीय प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक, व्यवसायी, प्रबुद्धजन एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि और वक्ताओं ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ सिख समाज के जिला अध्यक्ष सरदार प्रीतपाल सिंह टुटेजा तथा मुख्य वक्ता विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्रीराम अरावकर रहे। कार्यक्रम में वर्ग के सर्वाधिकारी संजय पाण्डेय एवं जिला संघचालक डॉ. प्रकाश मिश्रा विशेष रूप से मंचासीन रहे।
शारीरिक प्रदर्शन ने मोहा दर्शकों का मन
समापन समारोह में स्वयंसेवकों द्वारा समता, नियुद्ध, दंड संचालन एवं संघ घोष के आकर्षक शारीरिक प्रदर्शन प्रस्तुत किए गए। अनुशासन, समन्वय और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वयंसेवकों के दंड संचालन एवं घोष वादन की प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
107 शिक्षार्थियों ने लिया आवासीय प्रशिक्षण
वर्ग कार्यवाह दिलेश्वर उमरे ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए 15 दिनों के प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ग में 107 व्यवसायी शिक्षार्थियों, 36 शिक्षकों एवं प्रबंधकों सहित लगभग 200 स्वयंसेवकों ने आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं संगठन कौशल पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना जागृत करने का उद्देश्य
मुख्य वक्ता श्रीराम अरावकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ के तरुण व्यवसायी वर्ग का उद्देश्य युवाओं में “राष्ट्र प्रथम” की भावना जागृत करना तथा उन्हें समाज जीवन में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है।
युवा बन सकते हैं समाज परिवर्तन के वाहक
उन्होंने कहा कि संघ के संस्कारों से प्रेरित युवा समाज सेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से युवा देश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
पंच परिवर्तन को बताया समय की आवश्यकता
श्री अरावकर ने वर्तमान समय में संघ द्वारा दिए जा रहे “पंच परिवर्तन” के संदेश की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता आज के भारत की प्रमुख आवश्यकताएं हैं।
मोबाइल से दूरी, आत्मसंयम से निकटता
उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षार्थियों ने अपना पूरा व्यय स्वयं वहन कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। 15 दिनों तक मोबाइल फोन से दूर रहकर उन्होंने अनुशासन, आत्मसंयम, समय प्रबंधन और राष्ट्रभक्ति के संस्कार अर्जित किए, जो जीवनभर उनके लिए मार्गदर्शक बनेंगे।
हेडगेवार के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
अपने संबोधन में श्रीराम अरावकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्र समर्पित जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
सामूहिक यात्रा ने दिया सामाजिक एकता का संदेश
समारोह में दो हजार से अधिक समाजजनों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभावना से ओतप्रोत कर दिया। कार्यक्रम में यह दृश्य भी विशेष रूप से देखने को मिला कि अधिकांश नागरिक बसों और कारों में सामूहिक रूप से यात्रा कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। इससे सामाजिक सहभागिता और सामूहिकता का प्रेरक संदेश प्रसारित हुआ।
आभार प्रदर्शन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में व्यवस्था प्रमुख भरत साहू ने सभी अतिथियों, नागरिकों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संगठन शक्ति का संदेश देते हुए यह भव्य समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
15 दिन की साधना, राष्ट्र सेवा का संकल्प
◾ आयोजन अवधि – 16 मई से 1 जून 2026
◾ स्थान – वैदिक इंटरनेशनल स्कूल, पटेलपाली
◾ शिक्षार्थी – 107 व्यवसायी तरुण
◾ शिक्षक एवं प्रबंधक – 36
◾ कुल सहभागिता – लगभग 200
◾ समापन समारोह में उपस्थिति – 2,000 से अधिक नागरिक
◾ मुख्य वक्ता – श्रीराम अरावकर
◾ मुख्य अतिथि – सरदार प्रीतपाल सिंह टुटेजा



