उत्तर बस्तर कांकेर, 03 जून 2026/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने जिले के नागरिकों से आगामी मानसून में मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूकता एवं बचाव की अपील करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में उल्टी दस्त, मलेरिया, पीलिया, व अन्य संक्रामक रोग होने का अंदेशा बना रहता है, जिससे पूर्व में उचित रोकथाम के लिए प्रबंध नहीं होने पर जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि दस्त में बार-बार शौच जाना पड़ता है या मल ढीला व तरल होता है, दस्त ज्यादातर 02 से 03 दिन तक या इससे अधिक समय तक रहता है, तो यह अन्य समस्याओं की निशानी हो सकती है। यदि दस्त 03 दिन में ठीक नहीं होता है या आपकी तबियत और खराब हो जाती हैं तो प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द से निःशुल्क परामर्श लिया जावे या निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में जरूरी सलाह लिया जाए। उन्होंने बताया कि संक्रमण जैसे वायरस बैक्टिरिया, दूषित भोजन, जल एवं अस्वच्छता, अधपके भोजन के सेवन, आंत की बीमारियां इत्यादि इसका मुख्य कारण है ।
*बचाव के उपाय*
खाने-पीने की वस्तुओं और पानी को ढंककर रखें।
बासी भोजन, सड़े गले फलांे का सेवन न करें व हमेशा ताजा भोजन करें।
दस्त होने पर ओ.आर.एस. (जीवन रक्षक घोल) बनाकर थोड़ी-थोड़ी देर में पीते रहे।
पानी को उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर ही पीने के लिए उपयोग में लायें।
भोजन से पूर्व और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोयंे।
प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द से निःशुल्क परामर्श लिया जावे या निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र में जरूरी सलाह लिया जावें । दस्त होने ही तुरन्त घरेलू उपचार आरंभ करें:-नारियल का पानी, नमकीन लस्सी, नींबू की शिकंजी, चावल का मांड, हल्की चाय, दाल का पानी आदि शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते है, इनका सेवन लगातार करते रहना चाहिए।



