बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान-2026 के तहत जिले के अतिदुर्गम क्षेत्र डोडी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर एक 10 वर्षीय बच्चे के लिए जीवनदायी साबित हुआ। स्वास्थ्य शिविर के दौरान गंभीर रूप से बीमार सोमलू मोड़ियम की पहचान कर उसे समय पर जिला चिकित्सालय बीजापुर पहुंचाया गया, जहां 17 दिनों तक चले गहन उपचार के बाद उसकी जान बचाई जा सकी।
15 मई को आयोजित स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों की जांच की। इसी दौरान सोमलू मोड़ियम नेफ्रोटिक सिंड्रोम, मलेरिया और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित पाया गया। उसके पूरे शरीर में अत्यधिक सूजन थी और हालत गंभीर थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी के निर्देश पर उसे तत्काल एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।
अस्पताल पहुंचने पर बच्चे को आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण तथा चिकित्सकों की टीम ने उसका उपचार किया। उपचार के दौरान स्टेरॉयड थेरेपी, एल्ब्यूमिन, डाइयुरेटिक्स, एंटी-मलेरियल और एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं दी गईं तथा लगातार निगरानी रखी गई।
लगातार 17 दिनों के उपचार से बच्चे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। शरीर की सूजन समाप्त हो गई, पेट में भरा पानी सूख गया और सांस लेने की समस्या भी दूर हो गई। 1 जून को अस्पताल से छुट्टी के समय उसका वजन 50 किलोग्राम से घटकर 28 किलोग्राम रह गया था।
यह मामला मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की सफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर गंभीर मरीजों की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। अस्पताल से छुट्टी के समय सोमलू के परिजनों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया।



