पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) की नियुक्ति को लेकर चल रहे सियासी घमासान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक गुट को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु के फैसले को बरकरार रखते हुए टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति पर रोक लगाने या कोई भी अंतरिम आदेश पास करने से साफ इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ ने ममता बनर्जी के करीबी और वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के पक्ष में अंतरिम राहत का कोई आधार नहीं बनता है। कोर्ट ने अब दोनों पक्षों को अगली सुनवाई से पहले अपने-अपने हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया है।



