आरोपी के कब्जे से 07 बल्क लीटर महुआ शराब एवं 200 रुपये नगदी बिक्री रकम जब्त।
जब्त मशरूका की कुल कीमत 900 रुपये।

घटना का संक्षिप्त विवरण :
🔷 इस प्रकार है कि श्रीमान पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री निखिल कुमार राखेचा (भा. पु.से.)के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार साहू तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री मोहसिन खान के मार्गदर्शन में जिले में संचालित “उजियारा अभियान” के तहत कार्यवाही की गई।
🔸मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सेलेगोंदी निवासी रामकिशन जैन अपने घर में अवैध रूप से हाथ भट्ठी से निर्मित महुआ शराब का विक्रय कर रहा है। सूचना की तस्दीक एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु थाना कोरर से पुलिस टीम रवाना की गई। स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में बताए गए स्थान पर दबिश दी गई।
🔸कार्यवाही के दौरान आरोपी रामकिशन जैन पिता स्वर्गीय गंगा राम जैन, उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम सेलेगोंदी, थाना कोरर, जिला कांकेर के कब्जे से एक सफेद रंग के 25 लीटर क्षमता वाले जरकीन में रखा 07 बल्क लीटर हाथ भट्ठी से निर्मित महुआ शराब एवं 200 रुपये नगद बिक्री रकम बरामद कर जब्त किया गया।
🔷आरोपी का कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दण्डनीय पाए जाने पर मौके पर देहाती नालसी कायम कर विवेचना में लिया गया। थाना वापसी पश्चात थाना कोरर में अपराध क्रमांक 55/2026 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी –
* रामकिशन जैन, पिता स्व. गंगा राम जैन, उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम सेलेगोंदी, थाना कोरर, जिला कांकेर।
बरामदगी –
* 07 बल्क लीटर हाथ भट्ठी से निर्मित महुआ शराब।
* 200 रुपये नगद बिक्री रकम।
* कुल मशरूका कीमत – 900 रुपये।
पुलिस टीम विवरण –
* थाना प्रभारी उपनिरीक्षक लक्ष्मी नारायण नामदेव
* प्र. उप निरीक्षक ऋषभ वाजपेयी,
* प्रधान आरक्षक 334 योगेश कुमार मंडावी,
* आरक्षक 161 विनोद कुमार साहू,
* आरक्षक 286 ईश्वर कावड़े,
* महिला आरक्षक 2257 सुभद्रा जुर्री
* सैनिक 206 रामचंद्र उइके।
📢 कांकेर पुलिस की अपील
अपराध नियंत्रण पुलिस एवं जनता की साझा जिम्मेदारी है। आपकी एक छोटी-सी सूचना भी बड़े अपराधों की रोकथाम में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जिला उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस द्वारा संदिग्ध एवं आपराधिक गतिविधियों की सूचना देने हेतु अपराधिक हेल्पलाइन नंबर 94791-55125 संचालित किया जा रहा है। प्राप्त सभी सूचनाओं एवं सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।



