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बवासीर ऑपरेशन बना मौत का कारण? 27 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत पर सिविल अस्पताल में बवाल

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ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, रायगढ़ रेफर करते समय रास्ते में तोड़ा दम; परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप

रायगढ़। खरसिया सिविल अस्पताल में बवासीर के ऑपरेशन के दौरान एक 27 वर्षीय युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा मच गया। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की मांग की है। घटना ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार खरसिया की पुरानी बस्ती निवासी राघवेंद्र मिश्रा ने अपने 27 वर्षीय पुत्र तामेश्वर मिश्रा को बवासीर (पाइल्स) के ऑपरेशन के लिए खरसिया सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले युवक पूरी तरह स्वस्थ था और सामान्य प्रक्रिया के तहत उसकी सर्जरी की जा रही थी।

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ऑपरेशन के दौरान अचानक बिगड़ी हालत

परिजनों के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान तामेश्वर की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे तत्काल बेहतर उपचार के लिए रायगढ़ रेफर कर दिया। परिजन एम्बुलेंस के जरिए उसे रायगढ़ लेकर रवाना हुए, लेकिन चपले के समीप पहुंचते ही उसकी सांसें थम गईं। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

अस्पताल परिसर में फूटा गुस्सा

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। बड़ी संख्या में लोग सिविल अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण ही युवक की जान गई है।
उनका कहना है कि बवासीर जैसी सामान्य सर्जरी में किसी मरीज की मौत होना गंभीर चिकित्सा त्रुटि की ओर संकेत करता है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

रिफर पर्ची में ‘मेल’ मरीज को बताया ‘फीमेल’

मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। परिजनों के अनुसार अस्पताल द्वारा जारी रिफर पर्ची में पुरुष मरीज तामेश्वर मिश्रा को “फीमेल” दर्ज किया गया है। इस त्रुटि ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि जब मरीज की मूल जानकारी तक सही दर्ज नहीं की गई, तो उपचार प्रक्रिया की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही खरसिया के एसडीएम प्रवीण तिवारी, चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों और स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास किया तथा मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

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