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सोशल मीडिया पर फोटो वायरल कर पत्रकार की छवि धूमिल करने का आरोप, निष्पक्ष जांच व कानूनी कार्रवाई की मांग

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लैलूंगा, सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में बिना किसी प्रत्यक्ष भूमिका के फोटो प्रदर्शित किए जाने से अपनी सामाजिक एवं पत्रकारिता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने का आरोप लगाते हुए पत्रकार बज्रदास महंत ने थाना लैलूंगा में लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में पत्रकार बज्रदास महंत ने बताया कि इन दिनों सोशल मीडिया पर एक युवती एवं एक महाविद्यालय के प्रोफेसर से जुड़े विवाद का वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। उक्त वीडियो में उनका फोटो एवं चेहरा भी दिखाया जा रहा है, जबकि पूरे घटनाक्रम में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही है। उनका कहना है कि न तो वीडियो में उनकी कोई आवाज है, न कोई बातचीत है और न ही उन्होंने किसी प्रकार की अवैध मांग अथवा गैरकानूनी गतिविधि में भाग लिया है।

आवेदन में उन्होंने स्पष्ट उल्लेख किया है कि पत्रकार होने के नाते किसी भी घटना स्थल पर पहुंचकर समाचार संकलन करना एवं कवरेज करना उनका पेशागत दायित्व है। मात्र किसी घटना की कवरेज करना या मौके पर उपस्थित होना किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद उनका फोटो वीडियो में इस प्रकार प्रदर्शित किया जा रहा है कि आम लोगों के बीच यह भ्रम फैल रहा है कि वे भी कथित घटनाक्रम अथवा पैसों की मांग जैसी गतिविधियों में शामिल थे।

पत्रकार ने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक प्रस्तुति से न केवल उनकी व्यक्तिगत सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है, बल्कि वर्षों से अर्जित पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं छवि पर भी गंभीर आघात पहुंच रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही इस सामग्री के कारण लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है, जिससे उनकी पेशेवर साख को नुकसान हो रहा है।

बज्रदास महंत ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि किन व्यक्तियों द्वारा उनका फोटो भ्रामक एवं गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। साथ ही ऐसे लोगों के विरुद्ध प्रचलित विधि के अनुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति की छवि इस प्रकार धूमिल न हो।

उन्होंने अपने आवेदन में यह भी आग्रह किया है कि पुलिस उनका बयान दर्ज कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा एवं न्याय उपलब्ध कराए। उनका कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी निर्दोष व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
पत्रकार द्वारा थाना लैलूंगा में दिए गए इस आवेदन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं तथा भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है। यह मामला सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग तथा किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और छवि की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

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