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’वन समितियों तथा आदिवासियों को पेसा अधिनियम के प्रति जागरूक होने की जरूरत’

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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के वरिष्ठ विधिक सलाहकार ने बैठक लेकर कहा

उत्तर बस्तर कांकेर, भारत सरकार के राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली के वरिष्ठ विधिक सलाहकार श्री प्रकाश कुमार उईके आज जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने जिले की वन प्रबंधन समिति एवं ग्राम सभा के अध्यक्षों की बैठक लेकर कहा कि जनजातीय विकास, कल्याण तथा उनके हितों की रक्षा के लिए संविधान के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया है।

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उन्होंने बताया कि पेसा कानून के क्रियान्वयन के लगभग 30 वर्षों के बाद भी अपने अधिकारों के प्रति आदिवासियों में यथा अपेक्षित जागरूकता नहीं आई है। श्री उईके ने कहा कि वन समितियों, ग्राम सभाओं तथा आदिवासियों को पेसा अधिनियम के प्रति जागरूक होने की नितांत आवश्यकता है।

जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज दोपहर आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के वरिष्ठ विधिक सलाहकार श्री उईके ने चर्चा के दौरान बताया कि जनजातीय कल्याण तथा उनके हितों की रक्षा के लिए संविधान की धारा 338 के तहत इस आयोग का गठन किया गया है, जिसमें जनजातियों के मौलिक हितों की रक्षा के लिए अनेक नियमों एवं अधिनियमों का प्रावधान किया गया है। आजादी के दौरान गुजरात के श्री ठक्कर बापा ने सर्वप्रथम जनजातियों के अधिकारों व हितों की कल्पना की, जो आज पेसा अधिनियम के रूप में परिलक्षित है। उनके सतत् प्रयासों से ही संविधान में अनेक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं को प्रदत्त अधिकारों के प्रति आदिवासियों एवं जनजातियों में अपेक्षित जागरूकता नहीं आई है। आयोग के मंशानुसार पेसा अधिनियम एवं उसमें निहित शक्तियों की जानकारी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके अभाव में आज भी वे अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने में असमर्थ हैं। इस दौरान उन्होंने वन प्रबंधन समिति तथा ग्राम सभा के अध्यक्षों से सिलसिलेवार चर्चा कर पेसा के तहत प्राप्त शक्तियों एवं अधिकारों की जानकारी दी तथा उनका मार्गदर्शन किया।
इस दौरान भारतीय आदिमजाति सेवक संघ नई दिल्ली के श्री अजय कुमार चौबे, आदिमजाति सेवक संघ छत्तीसगढ़ स्टेट बोर्ड के अध्यक्ष श्री कंुवर जितेन्द्र सिंह राणा तथा जनजातीय सुरक्षा मंत्र नई दिल्ली के श्री सूर्यनारायण सूरी ने भी जनजातीय कल्याण और पेसा अधिनियम के प्रावधानों पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। इस अवसर पर डीएफओ कांकेर श्री रौनक गोयल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री जया मनु सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिले की वन प्रबंधन समितियों व ग्रामसभाओं के अध्यक्ष तथा सदस्यगण उपस्थित थे।

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