मस्तूरी की पुरानी बस्ती में स्वर्गीय रामानुज श्रीवास के वार्षिक श्राद्ध पर गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा वेदी स्थापना के साथ हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर के प्रमुख मार्गों से भक्ति भाव के साथ यात्रा निकाली। इस दौरान श्रद्धालु भगवान के जयघोष और धुमाल के साथ भजन-कीर्तन करते हुए कथा स्थल तक पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कलश यात्रा में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया गया।
आयोजको ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन सीपत के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित आलोक मिश्रा द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण का रसपान कराया जाएगा। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने एवं धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की गई है।
कलश यात्रा और कथा के शुभारंभ से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से समाज में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और आपसी सद्भाव को नई ऊर्जा मिलेगी।
कथावाचक सीपत के पंडित आलोक मिश्रा जी हैं। जो अपने मधुर वाणी से भजनों के साथ अमृत रूपी कथा का रसास्वादन कराएंगे
आयोजनकर्ता श्रीमती कृष्णा श्रीवास, जानकी श्रीवास, काशीराम श्रीवास, विश्वनाथ श्रीवास, शिवनाथ श्रीवास, भोलेनाथ श्रीवास, तथा परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा आयोजन किया जा रहा है।



