मनेंद्रगढ़ । भारतीय जनता पार्टी हसदेव मंडल द्वारा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण विधानसभा क्षेत्र मनेंद्रगढ़ के बूथ क्रमांक 107 में अनूठे एवं प्रेरणादायी वातावरण में आयोजित किया गया। बरसात के मौसम में धान की रोपाई में जुटे ग्रामीणों ने खेत की मेड़ पर एकत्र होकर श्रम और राष्ट्रभावना का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। किसानों और ग्रामीणों ने अपने कृषि कार्य के बीच समय निकालकर पूरे मनोयोग से प्रधानमंत्री के विचारों को सुना।
जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में भाजपा हसदेव मंडल अध्यक्ष सुश्री बबीता सिंह एवं मंडल महामंत्री भगवान दास की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, बूथ अध्यक्ष सर्किल यादव, श्रवण कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने दिया जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 136वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, युवाओं के नवाचार तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले प्रेरणादायी प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के उन सामान्य नागरिकों की भी सराहना की जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से देश में बड़ा परिवर्तन ला रहे हैं।
मंडल अध्यक्ष ने कहा— ‘मन की बात’ जन-जन को जोड़ने का माध्यम
भाजपा हसदेव मंडल अध्यक्ष सुश्री बबीता सिंह ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला प्रेरणा का सशक्त माध्यम है। यह कार्यक्रम समाज के प्रत्येक वर्ग को सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित में कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करता है।”
भगवान दास बोले— खेत-खलिहानों तक पहुंच रहे प्रधानमंत्री के विचार
मंडल महामंत्री भगवान दास ने कहा कि “आज खेतों में रोपाई के बीच ग्रामीणों द्वारा ‘मन की बात’ सुनना इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री के विचार गांव-गांव तक पहुंच रहे हैं। श्रम और राष्ट्रसेवा का यह सुंदर संगम वास्तव में प्रेरणादायी है।”
ग्रामीणों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री की बातें उन्हें खेती के साथ-साथ जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने गांव को स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करेंगे तथा प्रधानमंत्री के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
खेतों से निकला राष्ट्र निर्माण का संदेश
बरसात की हरियाली, धान के लहलहाते खेत और किसानों के बीच आयोजित यह सामूहिक श्रवण कार्यक्रम सभी के लिए प्रेरणा का केंद्र बना। खेत की मेड़ पर बैठकर ‘मन की बात’ सुनते ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प केवल सभागारों तक सीमित नहीं, बल्कि खेत-खलिहानों, गांवों और आमजन के जीवन से भी उतनी ही मजबूती से जुड़ा हुआ है।



