उत्तर बस्तर कांकेर, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बालिकाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश पर जिले के 254 ऐसे शासकीय विद्यालयों का चयन किया गया है, जहां बालिका शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। इन सभी विद्यालयों में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत जी-रामजी के तहत बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने बताया कि चयनित 254 विद्यालयों में से 139 स्कूलों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है, जबकि शेष प्रस्तावों की स्वीकृति प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। संबंधित ग्राम पंचायतों को स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कर समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार यह पहल केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्कूलों में पृथक एवं सुरक्षित शौचालय उपलब्ध होने से बालिकाओं की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति में कमी आएगी तथा किशोरियों को स्वच्छता संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि अंतागढ़ विकासखण्ड में चयनित 40 स्कूलों में से 13 स्वीकृत, भानुप्रतापपुर में 40 में से 23 स्वीकृत, चारामा में 36 में से 18 स्वीकृत, दुर्गूकोंदल में 25 में 22, कांकेर में 25 में 08, कोयलीबेड़ा में 50 में 26 तथा नरहरपुर विकासखण्ड में 38 में से 29 स्कूलों में शौचालय निर्माण कार्य की स्वीकृति मिल चुकी है। इस प्रकार कुल 254 चयनित शालाओं में से 139 की स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि शेष की स्वीकृति शीघ्रता से प्रदान की जाएगी।



