बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम संगमपल्ली (मद्देड) में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की सहमति के बिना गांव में शराब दुकान खोली जा रही है, जिससे नशाखोरी बढ़ेगी और सामाजिक माहौल प्रभावित होगा।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की व्यवस्था मजबूत करने के बजाय शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से प्रस्तावित दुकान को तत्काल निरस्त करने की मांग की और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शराब दुकान खोलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “स्कूलों को बंद कर आदिवासी युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है। जहां शिक्षा और रोजगार की जरूरत है, वहां सरकारी अंग्रेजी शराब की दुकानें खोली जा रही हैं।”
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में शराब दुकान खुलने से घरेलू हिंसा, आपसी विवाद और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने का खतरा रहेगा। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र चापा, सरिता चापा, सुनील उद्दे, मनोज यालम, तलांडी इस्तारी, पुरुषोत्तम सल्लूर, सुरेश सोढ़ी, गुड्डू कोरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



