प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के जैतपुरी स्थित सरकारी गौधाम में गोवंश की लगातार मौत को लेकर गौसेवकों ने गंभीर सवाल उठाते हुए जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। गौसेवकों का आरोप है कि बिलासपुर शहर से नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में गोवंश पकड़कर सरकारी गौशाला में भेजे जा रहे हैं, जिससे गौधाम में क्षमता से अधिक पशु एकत्र हो गए हैं। आरोप है कि पर्याप्त व्यवस्था और नियमित पशु चिकित्सा सुविधा के अभाव में रोजाना कई गोवंश की मौत हो रही है।
गौसेवकों के अनुसार गौधाम में कीचड़ और अव्यवस्था के कारण कई गोवंश मरणासन्न अवस्था में मिले, जिन्हें उपचार के लिए बिलासपुर स्थित गौ सेवा धाम भेजा गया है। उनका कहना है कि इससे पहले लखासार और मोपका के गौधाम में भी अधिक संख्या में गोवंश रखने को लेकर मौतों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
गौसेवक विपुल शर्मा ने पशु पालन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि योजना शुरू होने के बाद ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
गौसेवकों ने कहा कि गौधाम का संचालन अनुभवी लोगों को दिया जाए, क्षमता के अनुसार ही गोवंश रखा जाए तथा नियमित पशु चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित हो। उनका कहना है कि योजनाओं का उद्देश्य गौ संरक्षण होना चाहिए, न कि अव्यवस्था के कारण गोवंश की मौत।



