हजारों श्रद्धालुओं ने 5 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा में लिया हिस्सा, विधायक रेणुका सिंह के संरक्षण में भव्य आयोजन
कोरिया/सोनहत । सावन के अंतिम सोमवार पर सोनहत की धरती आस्था और भक्ति के रंग में रंग गई। पवित्र हसदेव नदी के उद्गम स्थल से अमृत स्वरूप जल लेकर हजारों श्रद्धालु अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए करीब 5 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पर निकले। हाथों में कांवड़, जुबां पर हर-हर महादेव का जयघोष और मन में शिवभक्ति का भाव लिए श्रद्धालुओं का कारवां आगे बढ़ता रहा।
महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सोनहत की सामूहिक आस्था और जनभागीदारी का जीवंत स्वरूप बनकर सामने आई। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे मार्ग में भक्ति गीतों, जयघोष और भगवा ध्वजों से वातावरण शिवमय नजर आया।
संरक्षण से सहभागिता तक दिखा जनप्रतिनिधित्व
कांवड़ यात्रा का आयोजन विधायक रेणुका सिंह के संरक्षण में तथा उनके प्रतिनिधियों की देखरेख में संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में सोनहत की जनता ने भी पूरे उत्साह के साथ सहयोग दिया। व्यवस्थाओं से लेकर श्रद्धालुओं की सेवा तक स्थानीय लोगों की सहभागिता ने यात्रा को व्यापक जनआयोजन का स्वरूप दिया।
श्रद्धालुओं के बीच पहुंचीं विधायक रेणुका सिंह, दिखाई संवेदनशीलता
यात्रा के दौरान विधायक रेणुका सिंह स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचीं और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए लोगों से संवाद किया। एक बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। धार्मिक आयोजन के बीच जनप्रतिनिधि की यह सहज संवेदनशीलता भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी।
आने वाले वर्षों में और भव्य होगी कांवड़ यात्रा
विधायक रेणुका सिंह ने कहा कि इस वर्ष सोनहत की जनता ने जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ कांवड़ यात्रा में सहभागिता की है, वह अपने आप में प्रेरणादायी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले सावन में सोनहत की जनता इससे भी अधिक संख्या में जुड़कर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सहभागी बनेगी और कांवड़ यात्रा को और भव्य एवं व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
सावन के अंतिम सोमवार पर उन्होंने सोनहत सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की।
पांच किलोमीटर की यात्रा, दूर तक गूंजा शिवभक्ति का संदेश
हसदेव के उद्गम से निकली यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ एकजुटता, सेवा और जनभागीदारी का संदेश छोड़ गई। हजारों कदमों की यह यात्रा भले ही पांच किलोमीटर की रही, लेकिन सोनहत की शिवभक्ति और सामूहिक आस्था की गूंज इससे कहीं आगे तक सुनाई दी।



