🚨 रायगढ़ पुलिस का सख्त रूख : समझाइश के अगले ही दिन बदमाशों पर चला पुलिस का डंडा, 6 को भेजा जेल
🚨 मारपीट में शामिल आरोपियों पर हत्या का प्रयास, बलवा की धाराओं में कार्रवाई
रायगढ़ । रायगढ़ पुलिस ने शहर के बदमाशों को साफ संदेश दे दिया है—अपराध करोगे तो कार्रवाई तय है। एक दिन पहले ही शहर के बदमाशों को थाने में बुलाकर अपराध से दूर रहने की समझाइश दी गई थी और इसके अगले ही दिन पुरानी रंजिश में युवक से मारपीट कर जान से मारने की कोशिश करने वाले 6 आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से चाकू, लोहे का पंच, पत्थर और साइकिल की चैन बरामद हुई है। सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
विदित हो कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस त्योहार के दौरान शहर की शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। इसी कड़ी में 01 सितंबर को नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा एवं श्री राहुल उईके ने शहर के बदमाशों को थाना चक्रधरनगर परिसर में हाजिर कराकर सख्त समझाइश दी थी कि अपराध और विवाद से दूर रहें। पुलिस की इस चेतावनी के बीच ही कोतवाली क्षेत्र में हुई हिंसक घटना पर पुलिस ने बिना समय गंवाए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दी।
मारपीट का मामला : बापूनगर में युवक को रास्ते में घेरकर किया गया हमला
30 अगस्त की रात मारपीट को लेकर बापूनगर रायगढ में रहने वाली प्रार्थिया सुषमा दीप पति राजेन्द्र दीप उम्र 40 साल रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 30.08.2026 के रात करीब 01.30 बजे लडका पालेश्वर दीप गुटखा खाने जा रहा हूँ कह कर घर से निकला था हनुमान मंदिर के आगे बापूनगर रायगढ़ के पास पुरानी रंजिश को लेकर बापूनगर रायगढ का कृष्णा डोगरे एवं उसके साथियों ने गाली गालौज कर लाठ, डंडा चाकू से मारपीट किये है । हमले में पालेश्वर के सिर, माथे, पेट, दाहिने हाथ सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया। थाना कोतवाली आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 477/2026 धारा 296, 351 (3) 115(2) बी.एन.एस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
फरार थे सभी आरोपी, पुलिस ने शुरू कर दी ताबड़तोड़ दबिश
घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी ने पुलिस टीम को आरोपियों की तलाश में लगाया। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और एक-एक कर छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
जांच के दौरान आहत की मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के कथनों से सामने आया कि हमला महज मारपीट नहीं बल्कि जान से मारने की नीयत से किया गया था। इसके बाद प्रकरण में हत्या के प्रयास और बलवा की गंभीर धाराएं 109(1), 190, 191(2) एवं 191(3) बीएनएस बढ़ाई गईं।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अलग-अलग हथियारों का इस्तेमाल करना बताया। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने— आरोपी सेवक साण्डे से स्टील का चाकू, आरोपी देवेन्द्र कन्द्र से लोहे का पंच, आरोपी सोहन साण्डे से पत्थर का टुकड़ा और आरोपी अलिस साण्डे से पुरानी साइकिल की चैन बरामद की।
गिरफ्तार आरोपियों में कृणामुखी उर्फ गिदुमुखी (19), सेवक साण्डे (23), देवेन्द्र कन्द्र (24), सोहन साण्डे (20), सादिन महानंद (20) और अलिस साण्डे (21) सभी निवासी बापूनगर रायगढ़ शामिल हैं।
सभी आरोपियों को 01 सितंबर की शाम से देर रात तक गिरफ्तार किया गया और आज न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस का संदेश साफ—शहर में दहशत फैलाने वालों की खैर नहीं
त्योहार के दौरान शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर रायगढ़ पुलिस ने अपना रुख साफ कर दिया है। बदमाशों को पहले समझाइश, अपराध करने पर सीधे कानूनी कार्रवाई—पुलिस इसी नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपसी रंजिश में हिंसा, मारपीट और शहर की शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई में इनकी रही अहम भूमिका
एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं सीएसपी राहुल उईके के सुपरविजन पर संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, एएसआई कोसो सिंह जगत, आरक्षक उत्तम सारथी, प्रताप बेहरा एवं कीर्ति राजपूत की कार्रवाई में अहम भूमिका रही।



