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‘मैं दिल्ली से कस्टम ऑफिसर बोल रहा हूं’…,Cyber Fraud का खेल और युवक से 2.24 करोड़ रुपये ठग लिए।

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‘I am a Customs Officer from Delhi calling’…,Cyber Fraud game and swindled Rs 2.24 crore from a young man.

एक नया मामला सामने आया है, जहां विक्टिम को बड़े ही कॉमन तरीके का इस्तेमाल करके 2.24 करोड़ रुपये का चूना लगाया है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी PTI ने दी. दरअसल, आरोपी ने विक्टिम को एक कॉल किया और खुद को दिल्ली स्थित कस्टम अधिकारी बताया. इस तरह का एक अन्य केस हाल ही में सामने आ चुका है, जिसमें साइबर क्रिमिनल्स ने FedEx कुरियर कंपनी के नाम का इस्तेमाल किया.

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मैं दिल्ली से कस्टम ऑफिसर (custom officer) बोल रहा हूं’…आपके नाम से एक पार्सल मिला है। इस पार्सल में 16 पासपोर्ट, 58 ATM Cards और 140 ग्राम संदिग्द पदार्थ मिला है। ये पार्सल दिल्ली से मलेशिया भेजा जा रहा था। आप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे बचना चाहते तो सेटलमेंट कर लो। इसके बाद शुरू होता है Cyber Fraud का खेल और युवक से 2.24 करोड़ रुपये ठग लिए।

दरअसल पूरा मामला बेंगलुरु है। य़हां के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (software Engineer) एक बड़े फ्रॉड के शिकार हो गए। साइबर क्रिमिनल्स ने बड़ी चालाकी से उनके बैंक अकाउंट से 2.24 करोड़ रुपये उड़ा लिए। इस मामले में विक्टिम को डराया, धमकाया और कई केस में गिरफ्तार करने की धमकी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, विक्टिम कुमारस्वामी सिवाकुमार, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और वह बेंगलुरु में रहते हैं. उन्हें 18 मार्च को एक अनजान नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले खुद की पहचान दिल्ली कस्टम अधिकारी के रूप में बताई.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विक्टिम कुमारस्वामी सिवाकुमार, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और वह बेंगलुरु में रहते हैं। उन्हें 18 मार्च को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले खुद की पहचान दिल्ली कस्टम अधिकारी के रूप में बताई। पीड़ित को साइबर क्रिमिनल्स ने बताया कि ‘मैं दिल्ली से कस्टम ऑफिसर बोल रहा हूं’…आपके नाम से एक पार्सल मिला है। इस पार्सल में 16 पासपोर्ट, 58 ATM Cards और 140 ग्राम संदिग्द पदार्थ मिला है। ये पार्सल दिल्ली से मलेशिया भेजा जा रहा था। आप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे बचना चाहते तो सेटलमेंट कर लो।

8 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में टोटल 2.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए

इसके बाद कॉल दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, उस व्यक्ति ने खुद की पहचान एक NCB ऑफिसर के रूप में बताई। इसके बाद उसने विक्टिम पर दबाव डाला कि वह Skype को डाउनलोड करें। इसके बाद उस पर गंभीर आरोप लगाया और उसे डराया। इसके बाद साइबर क्रिमिनल्स ने विक्टिम से कुछ रुपये मांगे और उनको इस केस से बाहर करने का वादा किया। विक्टिम इस दौरान काफी घबरा चुका था और डर में उन्होंने रुपये का देने का वादा कर दिया। इसके बाद विक्टिम ने 8 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में टोटल 2.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। यह रकम उन्होंने 18 मार्च से 24 शेयर किए।

फेक पार्सल के जाल में फंसाया और डराया

इसके बाद विक्टिम को बताया कि उनके नाम से एक पार्सल मिला है. इस पार्सल में 16 पासपोर्ट, 58 ATM Cards और 140 ग्राम संदिग्द पदार्थ मिला है. आरोपी ने विक्टिम को बताया कि ये पार्सल दिल्ली से मलेशिया भेजा जा रहा था.

दूसरे व्यक्ति को किया कॉल, खुद को बताया NCB ऑफिसर

इसके बाद कॉल दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, उस व्यक्ति ने खुद की पहचान एक NCB ऑफिसर के रूप में बताई. इसके बाद उसने विक्टिम पर दबाव डाला कि वह Skype को डाउनलोड करें. इसके बाद उस पर गंभीर आरोप लगाया और उसे डराया गया.

केस से बाहर रखने के लिए मांगे रुपये, 2.24 करोड़ ट्रांसफर

इसके बाद साइबर क्रिमिनल्स ने विक्टिम से कुछ रुपये मांगे और उनको इस केस से बाहर करने का वादा किया. विक्टिम इस दौरान काफी घबरा चुका था और डर में उन्होंने रुपये का देने का वादा कर दिया. इसके बाद विक्टिम ने 8 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में टोटल 2.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए. यह रकम उन्होंने 18 मार्च से 24 शेयर किए.

इसके कुछ दिन बाद यानी 5 अप्रैल के दिन विक्टिम को पता चला कि वह साइबर फ्रॉड के शिकार हो चुके हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस कंप्लेंट दर्ज कराने का फैसला लिया.

 

 

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