Home कांकेर ज़बरन थोपे गए लोन से उपभोक्ता आयोग ने ग़रीब को बचाया

ज़बरन थोपे गए लोन से उपभोक्ता आयोग ने ग़रीब को बचाया

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कांकेर । पूरे देश की जनता को मालूम है कि खादी ग्रामोद्योग एक ऐसी संस्था है, जो विगत 50- 60 वर्षों से ग्रामीण उद्योगों हेतु ज़रूरतमंद लोगों को कम ब्याज पर अथवा सब्सिडी सहायता प्रदान कर लोन दिलवाती है ताकि ग़रीब ग्रामीण आत्मनिर्भर हो सकें लेकिन काँकेर में एक ग़रीब महिला मनकेसरी पटेल को सीमेंट ब्रिक्स उद्योग लगाने हेतु खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से लोन मांगने पर पंजाब नेशनल बैंक कांकेर शाखा ने व्यावसायिक कदाचरण करते हुए इतना सताया और दौड़ाया है कि ग़रीब महिला को उपभोक्ता आयोग की शरण लेनी पड़ी अन्यथा बैंक ने तो नोटिस पर नोटिस देकर नाक में दम कर ही दिया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए ज़िला कांकेर उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल तथा सदस्य डाकेश्वर सोनी की बेंच ने तथ्य पाए कि फरियादी मन केसरी पटेल पति श्रवण कुमार पटेल (निवासी उमरादाह तहसील नरहरपुर जिला कांकेर) ने सीमेंट ईट बनाने संबंधी कार्य हेतु प्रधानमंत्री स्वरोज़गार योजना एवं खादी ग्रामोद्योग के तहत लोन के लिए आवेदन किया था। जिस पर उसे पंजाब नेशनल बैंक शाखा काँकेर के द्वारा ऋण स्वीकृत किए जाने हेतु आमंत्रित किया गया था। बैंक में उपभोक्ता को लोन, सब्सिडी, ब्याज आदि के विषय में कुछ भी नहीं बताया गया और सीधे-सीधे लोन दर्शा दिया गया। अभी लोन संबंधी औपचारिकताएं पूरी भी नहीं हुई थीं। फ़रियादी द्वारा कोई मार्जिन मनी भी जमा नहीं की गई थी कि अचानक 28 जुलाई 2019 को हाथों हाथ एक नोटिस भी थमा दिया गया, जिसमें 67, 000 तत्काल जमा करने अन्यथा क़ानूनी कार्यवाही की जाने का उल्लेख किया गया। फ़रियादी ने हैरान होकर बैंक में बार-बार पूछा गया कि मुझे तो कोई लोन प्राप्त नहीं हुआ है ,14 सितंबर 2021 को एक पत्र बैंक ने दिया और बहुत शीघ्र ही 14 दिनों बाद 28 सितंबर 2021 को फिर एक नोटिस भेजा गया कि रकम नहीं पटाएंगे तो आपके विरुद्ध क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर फ़रियादी द्वारा वकील के माध्यम से रजिस्टर्ड उत्तर दिया गया कि हमें कोई ऋण प्राप्त नहीं हुआ है। किस लोन की वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है ।इस पर बैंक द्वारा लंबे अरसे तक कोई जवाब नहीं दिया गया और 8 फ़रवरी 2022 को फिर एक नोटिस दिया गया कि 15 दिन के अंदर 2,03,995 रुपए नहीं पटाये गये तो क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। फ़रियादी महिला ने बैंक जाकर स्थिति की पूछताछ की, तब बड़ी मुश्क़िल से उसे बताया गया कि आपके लोन से मशीनरी हेतु आरटीजीएस 2 लाख रुपए एस एस मशीनरी इंजीनियरिंग वर्क्स के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इस तरह फ़रियादी की जानकारी के बग़ैर ही 2,00,000 मशीनरी हेतु ट्रांसफर कैसे कर दिए गए जबकि लोन की औपचारिकताएं ही पूरी नहीं हुई थीं और कोई मार्जिन मनी भी महिला ने आज तक जमा नहीं की थी। बैंक की इस ज़ल्दबाजी में की गई अनधिकृत कार्यवाही के विरुद्ध मन केसरी पटेल ने बताया कि बैंक द्वारा नोटिस पर नोटिस भेजने और हमारी छवि डिफाल्टर जैसी बनाने के कारण बैंक के इस कृत्य से हमें आर्थिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा में क्षति हुई है, जिसकी जवाबदारी बैंक की है, जिसने बिना कोई पैसा दिए महिला को कर्ज़दार बना दिया है। अतः इस ऋण को ब्याज सहित शून्य घोषित किया जाए तथा मानसिक प्रताड़ना ,क्षतिपूर्ति एवं मुकदमे का हरजा खर्चा भी दिलाया जाए। उपभोक्ता आयोग ने समस्त तथ्यों पर बारीकी से विचार करते हुए यह पाया कि बैंक ने निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना परिवादी के नाम पर ज़बरन लोन स्वीकृत करना तथा नोटिस पर नोटिस भेज कर परेशान करना आदि व्यावसायिक कदाचरण किए हैं। अतः आदेश दिया जाता है कि पंजाब नेशनल बैंक कांकेर द्वारा फ़रियादी मन केसरी पटेल के नाम स्वयं के द्वारा स्वीकृत लोन को आदेश दिनांक से एक माह के भीतर शून्य घोषित करें तथा दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें । समस्त राशि ब्याज सहित 3,02 ,995 को आदेश दिनांक से एक माह के भीतर माफ़ कर दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें । एक माह के भीतर लोन शून्य न घोषित करने पर और ब्याज की राशि माफ़ न करने पर प्रतिदिन 100 की दर से जुर्माना देय होगा। शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा, परेशानी के संबंध में क्षतिपूर्ति राशि 10,000 भी एक माह के भीतर बैंक द्वारा प्रदान की जाएगी, साथ ही परिवाद व्यय 3000 भी वहन करने होंगे। उपभोक्ता आयोग ज़िला काँकेर के इस वाजिब फ़ैसले से न केवल उपभोक्ता को संतोष हुआ है बल्कि जनसाधारण में भी प्रसन्नता है तथा उपभोक्ता आयोग के प्रति आम जनता में विश्वास की वृद्धि हुई है।..

Ro.No - 13672/156

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