The husband used to say that he would throw the child away, in reality the wife left him in a river full of crocodiles, after a fight the 6 year old son was thrown into the river, what happened next?
कर्नाटक में एक दंपत्ति में लड़ाई इस कदर बढ़ गई कि इसके चलते उनके बच्चे की जान चली गई। दंपति अक्सर अपने बड़े बेटे की स्थिति को लेकर एक-दूसरे से लड़ते थे, जो जन्म से ही गूंगा था।
पुलिस के मुताबिक घटना उत्तर कन्नड़ जिले के दांडेली तालुक के हलामदी गांव की है. यहां 32 साल की महिला सावित्री की उसके पति रवि कुमार (36) को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है. दरअसल, उनके 6 साल के बेटे विनोद को बोलने और सुनने में कुछ परेशानी थी, वह आम बच्चों की तरह सुन-बोल नहीं पाता था. इस बात को लेकर ही दोनों पति-पत्नी में आए दिन विवाद होता रहता था.
झगड़े के बाद बच्चे के नदी में फेंका
26 वर्षीय एक महिला ने अपने पति के साथ झगड़े के बाद कथित तौर पर अपने छह वर्षीय विकलांग बेटे को मगरमच्छ से भरी नदी में फेंक दिया। पुलिस ने कहा कि सावित्री नाम की महिला के पति रवि कुमार (27) बड़े बेटे की विकलांगता को लेकर अक्सर उससे झगड़ा करता था और उससे सवाल करता था कि उसने मूक बच्चे को जन्म क्यों दिया। पुलिस ने कहा कि कई बार वो लड़ाई में बच्चे को फेंक देने की बात करता था।
पड़ोसियों ने पुलिस को दी जानकारी
पुलिस के अनुसार, इसी मामले पर झगड़े के बाद, निराश सावित्री ने कथित तौर पर अपने बड़े बेटे को काली नदी से सीधे जुड़ी एक बेकार नहर में फेंक दिया, जो मगरमच्छों से भरी है।
पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी तो वे मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से बच्चे को बचाने के लिए तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, अंधेरा होने के कारण पुलिस बच्चे को ढूंढ नहीं पाई।
बिना हाथ का मिला शव
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि रविवार की सुबह, पुलिस ने गंभीर चोटों, शरीर पर काटने के निशान और एक हाथ गायब होने के कारण बच्चे का शव बरामद किया। पुलिस ने कहा कि इससे पता चलता है कि बच्चा मगरमच्छ के हमले का शिकार था।
काली नदी से जुड़ती है नहर
सावित्री और रवि के बीच बच्चे को लेकर शनिवार को भी बहस हुई. इसके बाद सावित्री ने रात करीब 9 बजे अपने बेटे विनोद (6) को नहर में फेंक दिया, जो आगे जाकर मगरमच्छ से भरी काली नदी में जुड़ती है. घटना के कुछ देर बाद ही पुलिस और फायर ब्रिगेड के गोताखोरों की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. हालांकि, लंबे ऑपरेशन के बाद भी रात में उसे ढूंढा नहीं जा सका.
14 दिन की हिरासत में भेजा
अगले दिन रविवार को सर्च टीम ने बच्चे के शव को मगरमच्छ के जबड़े से बरामद किया. मगरमच्छ उसके दाहिने हाथ का हिस्सा खा चुके हैं. शरीर पर गंभीर चोट और काटने के निशान हैं. आरोपी दंपति राजमिस्त्री और नौकरानी के रूप में काम करते थे. दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
महिला का पति पर आरोप
महिला का कहना है कि इस वारदात के लिए मेरे पति जिम्मेदार हैं. वह बार-बार कहते थे कि बेटे को मरने दो. वह सिर्फ खाता रहता है. अगर मेरे पति यही कहते रहते तो मेरा बेटा कितना अत्याचार सहता. मैं अपना दर्द कहां बांटने जाऊंगी.



