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CM योगी ने अधि‍कार‍ियों को द‍िए न‍िर्देश, ‘शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस में आ रही दिक्कतों को जल्द करें दूर’,

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CM Yogi gave instructions to the officials, ‘Remove the problems being faced in online attendance of teachers soon’,

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा एमकेएस सुंदरम को तलब किया। उन्होंने कहा, शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति में जो भी समस्याएं आ रही हैं, उसका जल्द समाधान किया जाए। इसके लिए शिक्षकों और शिक्षक संगठनों से वार्ता भी की जाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा की अन्य योजनाओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति सहित डिजिटल किए गए 12 तरह के रजिस्टर पर बेहतर ढंग से प्रयोग किया जाए। योगी ने स्कूल चलो अभियान चलाकर बच्चों का नामांकन कराने, सभी अभिभावकों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजने, सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें, पीएम श्री स्कूलों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों के लिए जमीन की व्यवस्था प्राथमिकता पर किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा, कंचन वर्मा भी मौजूद रहीं।

आज से स्कूलों का शुरू होगा निरीक्षण, समस्याओं का होगा समाधान

महानिदेशक, कंचन वर्मा ने गुरुवार को ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को ढंग से लागू कराने के लिए सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों व जिला समन्वयकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि शुक्रवार से विद्यालयों का सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक शिक्षाधिकारियों की टीमें सघन निरीक्षण शुरू किया जाए। यह टीमें शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी लगाने में आ रही समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उनकी उपस्थिति भी दर्ज करवाएंगी।

उधर, बाराबंकी व उन्नाव सहित कुछ जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति न लगाने वाले शिक्षकों का वेतन काटे जाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। शिक्षक अभी भी काली पट्टी बांधकर इसका विरोध कर रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ व उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षक लगातार आंदोलन चला रहे हैं। वह अर्द्ध अवकाश व अर्जित अवकाश दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

विद्या समीक्षा केंद्र करेगा शिक्षकों की मदद

ऐसे शिक्षक जिन्हें ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने सहित अन्य रजिस्टर का उपयोग करने में कठिनाई हो रही है, वे अपना मोबाइल नंबर टीम को देंगे। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। विद्या समीक्षा केंद्र के फोन नंबर 0522-3538777 पर शिक्षक फोन कर भी मदद ले सकते हैं।

प्रेरणा पोर्टल एप की समस्या

हरि शंकर राठौर ने बताया कि विद्यालयों में तमाम तरह की दिक्कतें हैं उन्हें दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन हाजिरी के लिए जो एप है, उसमें कई तरह की टेक्निकल दिक्कत आ रही है। आदेश के मुताबिक शिक्षकों को विद्यालय के अंदर से हाजिरी लगाना है। हालांकि दिक्कत ये आ रही है कि शिक्षक विद्यालय के अंदर से हाजिरी लगा रहा है पर उसकी लोकेशन अलग जगह दिख रही है। उन्होंने बताया कि एक मित्र ने फोन किया कि हमारी लोकेशन हिंद महासागर में दिख रही है। इसके साथ ही जिला कोषाध्यक्ष ने सवाल करते हुए कहा कि प्रेरणा पोर्टल एप पर अगर साढ़े 6 लाख शिक्षक 15 मिनट के अंदर हाजिरी लगाएंगे तो क्या सर्वर डाउन नहीं होगा। ऐसे में क्या हमारी हाजिरी लग पाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह कुछ 4-5 मांगे हमारी है, अगर इसे मान लिया जाता है तो हमे ऑनलाइन हाजिरी में कोई दिक्कत नहीं है।

जारी रहेगा शिक्षकों का संघर्ष

उत्तर प्रादेशिक प्राथमिक शिक्षक संघ लखनऊ के जिला कोषाध्यक्ष हरि शंकर राठौर ने बताया कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हमारा संघर्ष जारी रहेगा। फिर प्रांतीय नेतृत्व जैसा कहेगा वैसा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई को शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षा मित्रों का एक संयुक्त मोर्चा बना है, जिसमें यूपी के करीब 20 संगठन शामिल है। संयुक्त मोर्चा 15 जुलाई को डीएम के जरिए मुख्यमंत्री को अपना ज्ञापन देगा। इसके बाद हमारी रणनीति बनेगी कि आगे क्या करना है। फिलहाल उत्तर प्रादेशिक प्राथमिक शिक्षक संघ लखनऊ गुरुवार को बीएसए के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना ज्ञापन देने जा रहा है।

जिलों में धरना-प्रदर्शन कर जताया विरोध

डिजिटल अटेंडेंस को लेकर बृहस्पतिवार को भी शिक्षकों का विरोध जारी रहा। जिला मुख्यालयों पर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक संयुक्त मोर्चा की ओर से प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के मीडिया प्रभारी सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि शिक्षकों की छवि धूमल करने की कोशिश की जा रही है। शिक्षक स्कूल समय में कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। ना ही बच्चों की पढ़ाई से कोई समझौता कर रहे हैं। शिक्षकों की मांगों पर विभाग ध्यान दे।

वहीं उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि शिक्षकों को डरा धमकाकर डिजिटल अटेंडेंस नहीं लगवाई जा सकती है। विभाग शिक्षकों से वार्ता करे और उनकी मांगों पर विचार करें। उसके बाद ही शिक्षक डिजिटल अटेंडेंस पर विचार करेंगे। इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से हर ब्लॉक मुख्यालय पर शिक्षकों के बीच सर्वे किया गया। इसमें अधिकतर शिक्षकों ने डिजिटल अटेंडेंस का विरोध किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को भी शिक्षकों के बीच सर्वे चलेगा। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

सिर्फ डिजिटल अटेंडेंस से नहीं सुधरेगी शिक्षा व्यवस्थाः अजय राय

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि प्रदेश में कई दिनों से शिक्षक ऑनलाइन हाजरी को लेकर आंदोलनरत हैं। सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस बाध्यकारी कर दी है। शिक्षक संगठन इस तुगलकी फरमान का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में अजय राय ने कहा कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को शिक्षकों से बात करके ही किसी निर्णय पर पहुंचना चाहिए था।
इस तरह के तुगलकी फरमान लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करते हैं। सिर्फ डिजिटल अटेंडेंस से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी। प्रदेश के सभी विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों के बहुत सारे स्वीकृत पद खाली हैं। कार्यरत शिक्षकों पर उनके दायित्वों के अतिरिक्त भी भार है। शिक्षण कार्य के अलावा उनसे कई और काम लिए जाते हैं। अजय राय ने कहा विद्यार्थी टूटे हुए भवन, टूटी कुर्सी, मेज पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शिक्षकों के लिए खास तौर पर महिला शिक्षिकाओं के लिए मूल व्यवस्थाएं भी उपलब्ध नहीं है।

 

 

 

 

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