Seven states including MP-UP have announced reservation, Arunachal government will give priority to former Agniveers in government jobs
ईटानगर। अब अरुणाचल प्रदेश सरकार भी राज्य के अग्निवीरों को पुलिस और अग्निशमन विभाग में नौकरी में आरक्षण देगी। सीएम पेमा खांडू ने शनिवार को एलान किया कि सरकार स्थानीय युवाओं को अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षण देगी। सीएम खांडू ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल से युवा देश सेवा करने में सक्षम बनेंगे।
इसके साथ ही सेवानिवृत्त अग्निवीरों को राज्य पुलिस, आपातकालीन और अग्निशमन सेवाओं में भर्ती के दौरान प्राथमिकता दी जाएगी। अग्निपथ योजना में चार साल के अनुबंध पर सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किया जा रहा है। इन्हें ही अग्निवीर नाम दिया गया है। छह महीने की ट्रेनिंग के बाद तैनाती होती है।
अग्निवीरों को प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये वेतन दिया जाता है। उनके लिए सेवा निधि अंशदायी पैकेज भी बनाया गया है। इसमें मासिक वेतन का 30 प्रतिशत योगदान अग्निवीर करते हैं और उतनी ही राशि केंद्र सरकार मिलाती है। चार साल खत्म होने के बाद एकमुश्त राशि उन्हें दी जाती है। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए बीएसएफ और सीआईएसएफ के रास्ते खोले हैं। अब अग्निवीरों के सामने अपने राज्यों की पुलिस या सशस्त्र बलों में शामिल होने का विकल्प भी होगा।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ने तो इसके लिए आरक्षण का एलान कर ही दिया है। अन्य राज्य भी जल्द ही फैसला ले सकते हैं। इससे अग्निपथ योजना को आकर्षित बनाने में मदद मिलेगी। अरुणाचल प्रदेश सरकार से पहले उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने अग्निवीरों के लिए पुलिस विभागों में नौकरी में आरक्षण देने का एलान किया है।
अग्निशमन सेवाओं के लिए भर्ती में वरीयता दी जाएगी
उन्होंने कहा, “इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के रिटायर अग्निवीरों को अरुणाचल प्रदेश पुलिस, अरुणाचल प्रदेश बटालियन, आपातकालीन और अग्निशमन सेवाओं के लिए भर्ती में वरीयता दी जाएगी।”
हर बैच से 25 प्रतिशत भर्तियों को सेना की नियमित सेवा की पेशकश
बता दें कि केंद्र सरकार ने 2022 में सेना, नौसेना और वायु सेना में 17 से 21 साल की उम्र के युवाओं की भर्ती के लिए महत्वाकांक्षी अग्निपथ योजना शुरू की थी। इस सेवा में सेना में चार साल की नौकरी करने का मौका मिलेगा। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर के नाम से जाना जाएगा। चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद हर बैच से 25 प्रतिशत भर्तियों को सेना की नियमित सेवा की पेशकश की जाएगी।
उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों ने भी अग्निवीरों को खुशखबरी दी
वहीं, अग्निवीर योजना को लेकर विपक्षी पार्टियां सवाल भी उठा रही हैं और सरकार में आने पर इसे खत्म करने की बात कह रही हैं। इस बीच मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों ने भी अग्निवीरों को बड़ी खुशखबरी दी है। सात राज्यों ने अग्नीवीरों को आरक्षण देने की घोषणा की है।
अग्नीवीरों को आरक्षण देने वाले ये हैं छह राज्य
उत्तर प्रदेश
मध्य प्रदेश
छत्तीसगढ़
ओडिशा
गुजरात
उत्तराखंड
राजस्थान
पुलिस भर्तियों में अग्निवीरों को आरक्षण दिया जाएगा
सभी सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राज्य पुलिस भर्तियों में अग्निवीर की नौकरी करके आए युवाओं को आरक्षण दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को लेकर कहा कि किसी भी देश और समाज को आगे बढ़ने के लिए समय-समय पर सुधार करना जरूरी होता है।



