Another success! Elon Musk’s company Neuralink will allow paralysis patients to control digital devices with their brains
नई दिल्ली। एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक की ब्रेन चिप का दूसरा ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा हो गया। इसे लेकर कंपनी के मालिक एलन मस्क ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि दूसरा ट्रांसप्लांट बेहद अच्छे तरीके से काम कर रहा है। अब हम 2024 में आठ और मरीजों का प्रत्यारोपण करेंगे।
न्यूरालिंक मस्क का ब्रेन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप है। न्यूरालिंक का मकसद उन मरीजों को भी काबिल बनाना है जो पूरी तरह से कुछ भी करने में अक्षम हैं। न्यूरालिंक के चिप की मदद से इंसान सिर्फ सोचकर कई सारे काम कर सकता है और उसकी सोच को कंप्यूटर पर देखा जा सकता है। कंपनी अपने मरीजों पर न्यूरालिंक का ट्रांसप्लांट कर रही है। ट्रांसप्लांट के बाद पहला मरीज नोलैंड अर्बांग वीडियो गेम खेल रहा है। इंटरनेट चलाने, सोशल मीडिया पोस्ट और लैपटॉपर कर्सर घुमा रहा है।
मरीज सोच से कंट्रोल कर सकता है डिजिटल डिवाइस
कंपनी द्वारा यह इंप्लाट इस तरह से डिजाइन किया गया है जो स्पाइनल कोर्ड इंजुरी वाले मरीजों को डिजिटल डिवाइस कंट्रोल करने में मदद करता है। स्पाइनल कोर्ड इंजुरी वाले मरीज इस इंप्लाट के साथ अपने दिमाग में आए केवल एक विचार से डिजिटल डिवाइस को कंट्रोल कर सकते हैं।
मस्क इस बारे में जानकारी देते हुए बताते हैं कि इस नए डिवाइस के साथ पहले मरीज Noland Arbaugh को अलग-अलग टास्क परफोर्म करने में मदद मिल रही है। वह वीडियो गेम खेलने, इंटरनेट ब्राउजिंग, सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने और लैपटॉप पर कर्सर मूव करने का काम कर रहा है। यह सब काम Noland Arbaugh ड्रप्लीजिक नाम की बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद कर पा रहे हैं। Noland Arbaugh का शरीर गर्दन के निचले हिस्से से लकवाग्रस्त है।
कैसे काम कर रही तकनीक
जब इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम हो रहा था तब एलन मस्क ने बताया था कि न्यूरालिंक दो उपकरण तैयार कर रही है। पहली सिक्के के आकार की एक चिप है, जिसे इंसान के सिर में लगाया जाएगा। इससे बालों से भी पतले तार निकलेंगे जिनमें लगे 1024 इलेक्ट्रोड दिमाग के अलग-अलग हिस्सों तक जाएंगे। इनसे मिला डेटा चिप के जरिए कंप्यूटर्स तक जाएगा। फिर शोधकर्ता इसका अध्ययन करेंगे।इस चिप के अलावा, एक रोबॉट होगा जो एक सुई की मदद से न्यूरालिंक चिप से निकलने वाले तार इंसान के दिमाग में सिलेगा। मस्क का कहना है कि यह प्रक्रिया LASIC सर्जरी जितना आसान होगा। जनवरी में एक सूअर के अंदर इस चिप का डेमो भी दिया गया। यह दो महीने से इसके दिमाग में लगी थी। मस्क ने कुछ वक्त पहले यह भी बताया था कि एक बंदर के दिमाग में यह चिप लगी है और उस पर इसका असर भी है।
दूसरा मरीज भी कर सकेगा दिमाग से चीजें कंट्रोल
मस्क ने दूसरे मरीज को लेकर अभी तक ज्यादा जानकारियां नहीं दी हैं। उन्होंने कहा है कि नए मरीज को भी Noland Arbaugh की तरह ही स्पाइनल कोर्ड इंजुरी है। वह भी लकवाग्रस्त है। मस्क ने बताया है कि दूसरे मरीज के मस्तिष्क में इम्प्लांट के 400 इलेक्ट्रोड ठीक तरह से काम कर रहे हैं। न्यूरालिंक का डिवाइस कुल 1,024 इलेक्ट्रोड से लैस है, जो ब्रेन के सिग्नल कैप्चर और ट्रांसमिट करने के लिए डिजाइन किया गया है।



