Intensive action to install smart meters by Junior Engineer Dubey
पुसौर : दो दषक पुर्व की तुलना में वर्तमान विद्युत व्यवस्था पर बहरहाल कम सवाल उठ रहे हैं जिसे लोगों की जागरूकता कहें या फिर विभाग की सक्रियता यह तो पता नहीं लेकिन ये तो तय है कि अब जब लाईट गुल होती है तो पहले की तुलना में काफी कम समय लग रहे हैं वहीं ट््रांसफार्मर लगाने के लिये जनप्रतिनिधियों के पास जाने के साथ साथ जो उपभोक्ताओं द्वारा चंदा दिया जाता था उसमें विराम लगा है। ऐसे चुस्त दुरूस्त विद्युत वितरण व्यवस्था के बीच विद्युत विभाग अपनी अपनी पाई पाई वसुलना चाहती है इसलिये स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है जो सैकडो उपभोक्ताओं के यहां लग चुका है। आ रहे बिल के संबंध में कनिश्ठ यंत्री एस.के. दुबे से यह सवाल रहा कि पुर्व में जब सीएफल बल्ब नहीं थे उस समय साधारण बिजली बल्ब जो 40,60,100 और हजार दो हजार बाट के बल्ब होते थे उस समय जो बील आता था आज के तुलना में वह काफी कम था और आज सीएफएल वाले कम बाट के बल्ब लगाने के बावजुद भी बील काफी अधिक आ रहे हैं। इस सवाल पर इन्हौने कहा कि उस समय प्रायः लोगों के धर में टीव्ही कुलर पंखा नहीं था और आज प्रत्येक घरों में है ऐसे स्थिति में बिजली की खपत अधिक की जा रही है जिससे बिल अधिक आ रहा है। इसी कडी में इन्होने बताया कि मोबाईल जैसे रिचार्ज किया जाता है उसी तर्ज पर विद्युत मीटर भी होंगे ऐसा षासन की योजना है।



