INTUC President Deepak Dubey along with his supporters paid emotional tribute to late Mukesh Chandrakar at Rest House Champa
जांजगीर चाँपा । जननेता इंटक अध्यक्ष दीपक दुबे अपने समर्थकों के साथ रेस्ट हाउस चांपा में स्वर्गीय मुकेश चंद्राकर को भावभीनी श्रद्धांजली अप्रित कर उनके परिवार को इस दुखद घड़ी में साहस प्रदान करे उनकी आत्मा को शांति देने की प्राथना किए श्री दुबे ने उनके साहसी पत्रकारिता को नमन करते हुए बस्तर में उनके साथ बिताए पल को याद कर कहा कि मुकेश चंद्रकार का परिवार 2005 में सलवा जुडूम से प्रभावित होकर आवापल्ली और फिर बीजापुर आए थे सलवा जुडूम शुरू हुआ तो आवापल्ली के रिफ्यूजी कैंप में टेंट लगाकर रहते थे उसके बाद बीजापुर आ गए वह बचपन में गैरेज में काम करता था ताकि घर चला सके रहने के लिए घर भी नहीं था बासागुड़ा जैसे इलाकों में अगर कोई 10वीं भी पास कर ले तो गर्व महसूस होता है। तमाम चुनौतियों के बाद मुकेश चंद्रकार ने पत्रकारिता में नए मुकाम हासिल किए वह बहुत मुश्किलों से पढ़ाई की और अपने बड़े भाई यूकेश चंद्रकार के साथ पत्रकारिता शुरू की थी। पत्रकारिता उन्होंने न्यूज 18 से शुरू की थी और इसके बाद कई मीडिया संस्थानों के लिए बड़ी-बड़ी समाचार प्रसारित किया करता था
उनकी साहसी योगदान 2021 में नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए CRPF के जवान को छुड़ाने में बहुत बड़ा योगदान था
बीते दो साल से सुरेश चंद्रकार के भ्रष्टाचार की खबरें उजागर करते आ रहा था लेकिन सुरेश चंद्रकार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई जिसके वजह से हत्यारों की हौसला बुलंद था
ठेकेदार सुरेश चंद्रकार ने मिरतुर से गंगालूर के बीच सड़क बनाने का ठेका 50 करोड़ में लिया था जो 120 करोड़ हो गया सड़क अधूरी बनने के बाद भी प्रशासन ने 90% से अधिक भुगतान कर दिया। इसी मामले को मुकेश चंद्रकार ने 24 दिसंबर को एनडीटीवी में बीजापुर के गंगालूर से नेलसनार तक बन रही सड़क के घटिया निर्माण की खबर दिखाई थी कि गंगालूर से हिरौली तक बनी सड़क में कई गड्ढे थे. इस सड़क को 120 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा था.
खबर में बताया गया था कि निर्माणधीन सड़क में करीब 1 किलोमीटर के भीतर कम से कम 35 से ज्यादा गड्ढे गिने थे 19 नवंबर 2024 को यानी कि करीब एक महीने पहले ही छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरूण साव जिनके पास लोक निर्माण विभाग का जिम्मा भी है, बीजापुर पहुंचे थे सड़क की समीक्षा की और बचे कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए पर सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार उनको और पीडब्लूडी के अधिकारियों को नहीं दिखा न ही समाचार पर कोई संज्ञान लिया पूर्ववर्ती और वर्तमान सरकार की भ्रष्टाचार की भेट युवा पत्रकार चढ़ गया आज उनके हत्या के बाद हत्यारों को कोई कांग्रेसी तो कोई बीजेपी बताने लगे है युवा पत्रकार की हत्या कर भ्रष्टाचारी समझते है कि कलम की आवाज दबा देंगे पर मुकेश भाई की हत्या हजारों कलमकार को जन्म देगा और भ्रष्टाचार की जड़ खत्म होगा हम विगत 2003 से आज दिनांक तक बस्तर संभाग में हुए विभिन्न विभागों में विभिन्न मद से निर्माण कार्य क्रय विक्रय और बस्तर प्राधिकरण में हुए कार्यों की भौतिक सत्यापन की मांग करते है पत्रकार साथी के परिवार को 1 करोड़ की मुआवजा घर के सदस्य को शासकीय नौकरी और हत्यारों के सुनवाई 3 माह के अन्दर करते हुए बीच चौराहे में फंसी की सजा हो राज्य सरकार विधानसभा के विशेष बैठक बुला कर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाई जाए आज कई वर्षों से पत्रकार साथी अपने सुरक्षा के लिए कानून की मांग करते आ रहे है पर दोनों दल इसको सुनने को तैयार नहीं है इसके हम घोर निंदा करते है जल्द से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून नहीं बनता है तो इस पर उग्र आंदोलन हमारे द्वारा किया जाएगा श्रंद्धाजलि सभा में हीरालाल साहू,ललित चौबे,अमृतदास दिवान,शैलेन्द्र कुमार गोपाल,संजय रत्नाकर,शांति देवी यादव,धनेश्वर कुमार,शीतल बारेठ,नरेश महंत,पुष्पेंद्र जायसवाल,छवि कवर,मारुति उपाध्याय पिंटू सिंह सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।



