The third eye of the health department did not work, the patient’s dead body was found in the lift, the family is angry
मरीज को ढूंढने विभाग नाकाम, एक सप्ताह बाद परिसर में मिला शव
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – कहते हैं स्वस्थ सभी के लिए बहुत जरूरी है लोग जब भी बीमार होते हैं तो सीधे पहुंच जाते इलाज के लिए अस्पताल जिले के अस्पतालों में मरीज की स्थिति गंभीर हो तो देखकर, चिकित्सालय से जहां हाईटेक पद्धति से इलाज किया जाता है वहां रेफर किया जाता है लेकिन जहां रेफर किया जाए वह भर्ती किया जाए इलाज के दौरान मरीज गायब हो जाए सुरक्षा के नाम पर लगी सुरक्षा गार्ड , रिकॉर्ड के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे जिन्हें तीसरी आंख भी कहते जिसके मदद से किसी पर नजर रखा जा सकता है पर काम नहीं आया । वहां की प्रशासन, जिम्मेदार भी अगर एडमिट मरीज को ढूंढने की कोशिश की हो या नहीं एक सप्ताह के बाद उसकी लाश वही मिले तब समझ सकते हैं। वहां के जिम्मेदारों और अन्य लोगों की भूमिका पर सवाल खड़ा होना लाजमी है । छत्तीसगढ़ के ऐसा ही बस्तर के बीजापुर अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मददेड का एक मरीज का परिवार का कहना है इस आस से हम गए इलाज के बाद बेटा ठीक होगा पर बेटा ठीक नही हुआ पर मरीज बिस्तर से उठ कहीं जाता है और वहां से रहस्यमय तरीके से गायब हो जाता है लेकिन सीसीटीवी कैमरे के देखकर जिम्मेदारों का कुछ कहना था सूत्र कह रहे हैं कि बाहर निकाला है तो ऐसे में आज उसी डिमरापाल में बंद पड़े लिफ्ट ऊपर कैसे मिला लाश है अपने आप में ही सवाल।
जानकारी के मुताबिक मरीज का नाम प्रकाश ईज्जागीरी उम्र 40 वर्ष, विकास खण्ड भोपालपटनम, ग्राम मददेड जिला बीजापुर का रहने वाला है। जो कि डिमरापाल हॉस्पिटल से दिनांक 20 फरवरी 2025 को सुबह 05 बजे से लापता हैं। जिसके गुमशुदगी रिपोर्ट के बाद फोटो परिवार के संपर्क नंबर के साथ पंपलेट भी चस्पा किए गए थे। उसी मरीज का 27 फरवरी को लाश मिलता है। परिजनों को पुलिस अधिकारियों के द्वारा जानकारी दिया गया तो आज यानी 28 फरवरी को पोस्टमार्टम कर शव दिया जाएगा। अपने आप में गंभीर और मरीजों में डर का माहौल , इतनी सुरक्षित के बीच एक मरीज को ढूंढने में नाकाम प्रशासन स्वास्थ्य विभाग कितना गंभीर यह झलकता है। शाम 5:00 बजे लगभग परिवार करेंगे मरीज की गृह ग्राम में अंतिम संस्कार ।



