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मस्तूरी में गहराया जल संकट: हैंड पंप नलकूप एवं पोखर सूखने की कगार पर, जलाशय से पानी छोड़ने की मांग

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भूजल स्तर गिरने से मस्तूरी के समस्त क्षेत्र टेल एरिया जोंधरा तक हैंड पंप नलकूप एवं पोखर सूखने के कगार पर
मस्तूरी।

मस्तूरी क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई की समस्या विकराल रही है। लगातार गिरते भूजल स्तर और लगातार बिजली कटौती से किसान बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। नलकूप और अन्य जल स्रोत सूखने के कगार पर हैं, जिससे रबी फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। लगातार बिजली कटौती के कारण किसान भी अपने बोर का पानी उपयोग नहीं कर पा रहे मस्तूरी क्षेत्र में बिजली कटौती बड़ी समस्या है

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खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़ने की मांग

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य अरुना चंद्रप्रकाश सूर्य ने कलेक्टर को पत्र लिखकर खूंटाघाट जलाशय से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अगर जल्द ही पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और फसलें नष्ट हो जाएंगी।

भूजल स्तर लगातार गिरा, किसानों के सामने संकट

मस्तूरी क्षेत्र में बीते कुछ सालों से भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। अधिकांश कुएं और बोरवेल जवाब देने लगे हैं, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह जलाशयों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग अगर पानी छोड़ देता है तो बोर नलकूप एवं पोखर में फिर से पानी आ जाएगा जिससे निस्तारी आसान हो जाएगा

वर्तमान में गेहूं, चना, मसूर जैसी रबी फसलें अंतिम वृद्धि चरण में हैं, जिन्हें पानी की सख्त जरूरत है। अगर समय रहते सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा
माननीय कलेक्टर महोदय से निवेदन करने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सूर्या क्षेत्र क्रमांक 14 के जिला पंचायत प्रतिनिधि खिलावन पटेल, जनपद पंचायत सदस्य भास्कर पटेल, संतोष पनोरे, विजय कुमार आदि जन प्रतिनिधि शामिल थे।

इन सभी का मेहनत रंग लाया और जिलाधीश ने मस्तूरी आगमन पर जलाशय से पानी छोड़ने की घोषणा की।

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