The union secretary got angry with the constituted investigation committee and said: now the protest will become violent
पुसौर / सचिव संघ के प्रदेष नेतृत्व के आहवान पर प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय मे अपनी षासकीयकरण के मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से हडताल पर बैठे हुये हैं इस बिच सरकार ने काम के लौटने की हिदायत दी साथ ही समिति गठित कर जांच करते हुये षासकीयकरण की मांग को पुरा कराने का हवला दिया जिससे हडताली गण और बिफरे हुये है और अपने हडताल को और उग्र करने की ओर ले जाने का इषारा कर रहे हैं। जानकारी के मुताविक काम पर लौटने के आदेष पर पुसौर सचिव संघ के पदाधिकारी लक्ष्मीनारायण साव, अलेख षर्मा सहित अन्य पदाधिकारी सहित कुल 80 सचिवों ने आदेष की प्रतियां जलाई और जांच समिति द्वारा जांच किये जाने की बात पर इनका कहना है कि हडताल के समय अक्सर ऐसे ही जांच समिति बनाई जाती है जो हडताल खत्म होने पर ये जांच समिति अपनी जांच भुल कर वापस अपने अपने काम में लग जाते हैं और हमारी मांग यथावत् रहते हुये आ रहा है। इस तथ्य पर 1995 से कार्यरत वरिश्ठ सचिव जो कि सेवा निवृत्ति के कगार पर है इसमें मोहन वैश्णव, मोहर साव, लक्ष्मीनारायण साव ऐसे लगभग 50 सचिव है जो कह रहे हैं कि कुछ ही साल में हम रिटायर हो जायेंगे और षासकीयकरण का लाभ नहीं ले पायेंगे ऐसे स्थिति में हमारा परिवार की आर्थिक स्थिति बद से बदतर रहेगी। चूंकि हमारी कोई जमा राषि नहीं हैं और रिटायरमेंट के बाद कोई राषि और पेंषन भी नहीं मिलेगी ऐसे स्थिति में हमारा आगे का जीवन निर्वाह बहुत निराषाजनक हो सकता है जो हमारे लिये आत्मघाती सिद्ध होगा। इन सभी तथ्यों के मद्देनजर अब प्रदेष के सारे सचिव आर पार लडाई लडने के मुड में आ चुके हैं जिसमें कुछ ही दिन बाद ये भुख हडताल करेंगे उसके बाद क्रमिक आमरण अनषन करेंगे।



