Women groups are not getting work in Kosa Badi Shukulbhathli
पुसौर / तहसील मुख्यालय पुसौर से लगभग 3 कि.मी दुर ग्राम षकुल भठली में त्रेसर केन्द्र के नाम से एक संस्थान रेषम विभाग द्वारा संचालित है जहां कोसा उत्पादन सहतुत के पौधों के रख रखाव के बीच किया जाता है जिसे लोग कोसा बाडी के नाम से जानते हैं। उक्त कोसा बाडी में पिछले समय में ग्राम सुकुलभठली के महिला समुहों के जरिये क्षेत्र के आम महिलाओं को काम मिलता था जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबुत होती थी और उनके बच्चे के स्कुली एवं कालेज जीवन खुषहाल एवं प्रगतिषील रहता था। जानकारी के मुताविक उक्त कोसाबाडी में अब ऐसा नहीं हो रहा है यहां के महिला समुहों को काम नहीं मिल रहा है और यहां पदस्थ रेषम अधिकारी द्वारा इस पर रूचि भी नहीं दिखाई जा रही है चूंकि वह जुर्डा एवं पुसौर के चार्ज में है। बताया जाता है कि जिले के तमाम कोसा बाडीयों का कमोबेष यही हाल है कहीं भी कोसा उत्पादन के साथ साथ क्षेत्रीय लोगों को काम देने की रूचि नहीं दिखाई जा रही है बल्कि तरह तरह के सामग्रीयों की खरीदी षासकीय राषि से की जा रही है जबकि इसके पुर्व प्रत्येक कोसा बाडी में एक रौनक होता था, अक्सर काम करते हुये लोग मिलते थे और तरह तरह के प्रषिक्षण होता था। इसके पिछे का कारण जानने लगातार पडताल जारी है जिसका खुलाषा कुछ समय बाद मिलने के संकेत दिये जा रहे हैं। इस संबंध में जिला रेषम अधिकारी एवं क्षेत्रीय रेषम अधिकारी से संपर्क की गई जिसमें सफलता नहीं मिली उनके स्थान पर पुसौर में कार्यरत किषोर दीप ने कहा कि मुझे इस बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं है।



