*जिले के दूरस्थ क्षेत्र की शिक्षकविहीन शालाओं में बिखरेगी शिक्षा की रोशनी*
उत्तर बस्तर कांकेर, 11 जून 2025/ राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से जिले में निश्चित तौर पर शिक्षकों की समस्या दूर हुई है। वहीं शाला भवनों के युक्तियुक्तकरण से भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। काउंसलिंग के बाद शिक्षकविहीन स्कूलों में पदस्थापना कर शिक्षकों की पूर्ति की गई है, जिसके चलते जिले में पदस्थापना के बाद कोई भी स्कूल अब शिक्षकविहीन नहीं रह गया है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता लाने शासन की युक्तियुक्तकरण की नीति मील का पत्थर साबित हुई।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुरूप किया गया। उन्हांने बताया कि जिले में युक्तियुक्तकरण के पूर्व एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाओं की संख्या 347 और हाईस्कूल की संख्या 01 थी, इनमें अतिशेष शिक्षकों को शिक्षक विहीन एकल शिक्षकीय एवं आवश्यकता वाले संस्थाओं में कांउसलिंग के उपरांत पदस्थापना दी गई। इस प्रक्रिया का लाभ जिले के सभी शिक्षकविहीन विद्यालयों को मिला। उन्होंने बताया कि एक ही परिसर में विद्यालयों अथवा निकट में दो या दो से अधिक शालाएं संचालित हैं ऐसी शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया। इससे बच्चों के शैक्षणिक गुणवत्ता की दृष्टि से सुधार हो ताकि छात्रों को विद्यालय आने जाने में किसी प्रकार का कोई असुविधा उत्पन्न न हो सके। साथ ही माध्यमिक, हाईस्कूल तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार शिक्षक की पूर्ति हुई है। इस प्रकार सभी को समान शिक्षा की सुलभता हेतु राज्य सरकार द्वारा की गई ऐतिहासिक पहल से शिक्षकविहीन, एकल शिक्षकीय शालाओं की रौनक लौट आई है।



