School children are giving a positive direction to their thoughts by connecting with burning social issues
जशपुर जिले में व्यवहार कॉर्नर की अनोखी पहल
रायपुर / स्कूली बच्चों को सम समायिक ज्वलंत सामाजिक मुद्दों से जोड़ने और उनके विचारों को साकारात्मक दिशा देने के लिए जिला प्रशासन और युनिसेफ की पहल पर व्यवहार कार्नर स्थापित किया गया है। जशपुर जिले में ‘रूप नहीं गुण’ कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई है। इसके अंतर्गत ग्राम बस्ता में व्यवहार कार्नर का संचालन किया जा रहा है।
जिला प्रशासन, और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे इस नवाचारी पहल का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सामाजिक मुद्दों और व्यवहार परिवर्तन संबंधी विषयों पर संवाद और क्रियाशीलता हेतु मंच प्रदान करना है। यहां 25 से अधिक बच्चे नियमित रूप से बैठकें कर बाल विवाह, नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, स्वच्छता और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं तथा गांव में जागरूकता अभियान चलाते हैं।
यूनिसेफ परियोजना के जिला समन्वयक श्री तेजराज साहू ने बताया कि यह पहल बच्चों को समाज के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले में कुल 10 व्यवहार कॉर्नर स्थापित किए जा रहे हैं। समग्र शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिंह ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए एक अनुकरणीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि बस्ता गांव के बच्चों ने न केवल सामाजिक मुद्दों को समझा, बल्कि सक्रिय भागीदारी के माध्यम से गांव में सकारात्मक परिवर्तन की नींव रखी है।
कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ कार्यालय से आईं बाल संरक्षण विशेषज्ञ सुश्री सुभी टेस्लाई ने भी गांव का दौरा किया और बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने बच्चों के कार्यों की जानकारी लेते हुए बताया कि बालक-बालिकाएं गांव में दीवार लेखन, जन-जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक और घर-घर जाकर परामर्श जैसे प्रभावी माध्यमों से जनसंपर्क कर रहे हैं।सुश्री टेस्लाई ने बच्चों के प्रयासों को सराहते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और आश्वासन दिया कि यूनिसेफ उनकी हर सकारात्मक पहल में सहभागी बना रहेगा।




