Dharti Aaba Abhiyan became a ray of hope for the tribal areas, five year old Rakesh got the right to identity
रायपुर / कबीरधाम जिले के वनांचल में स्थित बोडला विकासखंड के ग्राम खैरबनाखुर्द के एक छोटे से परिवार के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान उम्मीदों की नई रोशनी बनकर सामने आया। इस अभियान के तहत ग्राम घोंघा में आयोजित शिविर में फगनू पटेल के पांच वर्षीय पुत्र राकेश पटेल का आधार कार्ड बनाकर उसे पहचान का अधिकार प्रदान किया गया
पिछड़े और दूरस्थ वन ग्रामों में अक्सर मूलभूत पहचान दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण ग्रामीण कई कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। फगनू पटेल का परिवार भी ऐसी ही परिस्थिति में जी रहा था। लेकिन धरती आबा अभियान के माध्यम से पहली बार ऐसा अवसर मिला जब शासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचा।
ग्राम घोंघा में आयोजित जागरूकता एवं संतृप्ति शिविर में जब आधार नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, तब फगनू पटेल अपने बेटे राकेश को लेकर पहुंचे। वहीं राकेश का नामांकन करते हुए उसका आधार कार्ड बनाया गया, जो अब भविष्य में उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, बैंकिंग और अनेक अन्य जरूरी सेवाओं के लिए काम आएगा।
फगनू पटेल ने हृदय से राज्य शासन और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब मेरे बेटे राकेश का भी एक पहचान है। गाँव मे बसे ग्रामीणों के जनकल्याण के लिए सरकार की योजनाएं पहुंच रही हैं, यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। इसके लिए भारत सरकार, राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते है।



