‘The unique initiative of the Principal and Head Master of Budhikhar has become an example.’
मस्तूरी विकासखंड के ग्राम बुढ़ीखार में स्थित प्राचीन शासकीय सरदार तारा सिंह बुद्धसिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अभाव से जुझता रहा है। पहले क्षेत्र के एकमात्र हायर सेकेंडरी विद्यालय होने के कारण यहां जोंधरा लोहर्सी से भी विद्यार्थी पढ़ने आते थे। वर्तमान में यहां अध्यापन हेतु मात्र तीन कक्ष हायर सेकेंडरी के लिए एवं तीन कक्ष मिडिल स्कूल के लिए उपलब्ध है ।जिसका छत मरम्मत करने योग्य रहा है ।छत से पानी टपकने एवं जर्जर होने की स्थिति में आए दिन अनहोनी घटना की डर बनी रहती थी। कक्षा छठवीं से लेकर 12वीं तक वर्तमान में 542 छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं जिनके लिए कम से कम 12 कक्ष की आवश्यकता है ।शासन से नवीन हायर सेकेंडरी भवन निर्माण एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु सन 2022 से निवेदन किया जा रहा पर अभी तक सफलता नहीं मिली। 2023 में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भी लोक शिक्षण संचनालय को लिखा गया है ।2023 में तत्कालीन जिलाधीश द्वारा चार अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृत होने के बावजूद भी अभी तक निर्माण प्रारंभ नहीं होने की स्थिति को देखकर के संस्था के प्राचार्य काशीराम रजक एवं शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा आवश्यक बैठक रखकर के 2023 में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छत का मरम्मत कराया गया। 2023 में ही शासन से प्राप्त राशि से खंडहर पड़े भवन का पुनर्निर्माण कराया गया। तत्कालीन शाला विकास समिति के अध्यक्ष भारत थवाईत द्वारा स्वयं स्कूल आहाता को कांटेदार तार से स्वयं मेहनत करके घेरा गया। दिनांक 22 6.2025 रविवार को मिडिल स्कूल का छत से पानी टपकने एवं खिड़की दरवाजे में करंट आने के कारण प्राचार्य एवं प्रधान पाठक बीरबल थवाईत के पहल पर शाला विकास समिति के सदस्यों, सरपंच डॉक्टर दीपक लहरे ,जनपद सदस्य ज्वाला प्रसाद बंजारे की उपस्थिति में मिडिल स्कूल के छत का मरम्मत करा कर अध्यापन योग्य बनाया गया है ।मुख्यमंत्री जतन योजना से राशि स्वीकृत होने के बाद भी नहीं बन पाने की स्थिति में यह कदम उठाया गया प्राचार्य काशीराम रजक एवं प्रधान पाठक बीरबल थवाईत ने कहा कि शासन से प्राप्त सहयोग का इंतजार ना करते हुए मरम्मत कार्य बच्चों की सुविधा के लिए नितांत आवश्यक था, पानी टपकने एवं करंट से हमेशा डर बना रहता था यह मरम्मत कार्य शाला विकास, समग्र शिक्षा एवं कुछ स्वयं की राशि से पूरा किया गया। इस कार्य में सरपंच, शाला विकास समिति के सदस्यों भरत थवाईत, रामकुमार साहू, दीपक गुप्ता, बालमुकुंद वैष्णव, गणेशराम, राम झूल, राजेंद्र मिरी, बहोरिक सहित सभी सदस्यों का पूर्ण सहयोग से ही यह कार्य आज सफल हुआ है ।प्राचार्य ने बताया कि इस वर्ष जिला शिक्षा अधिकारी के पहल एवं संस्था के शिक्षकों के अथक परिश्रम से 18 वर्ष बाद इस संस्था का रिजल्ट दसवीं में 84% 12वीं में 87प्रतिशत रहा है। जो हमारे लिए गौरव की बात है।




