बंदियों को उनके अधिकार, कानून एवं नशा से दूर रहने की दी गई सलाह
सरसीवा — जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माननीय प्रधान न्यायाधीश जितेंद्र कुमार जैन के निर्देशानुसार तथा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति सारंगढ़ के मार्गदर्शन में, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निकसन डेविड लकड़ा के नेतृत्व में उप जेल सारंगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर का उद्देश्य जेल में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, नए कानूनों तथा न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करना था। न्यायाधीश महोदय ने बताया कि कानून की जानकारी हर बंदी के लिए आवश्यक है ताकि वे उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर न्याय तक पहुंच सकें।
बंदियों को विशेष रूप से नशामुक्त जीवन जीने, अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने और मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी गई। न्यायाधीश महोदय ने यह भी आग्रह किया कि सभी बंदी अपने केस की नियमित जानकारी रखें तथा अपने अधिवक्ताओं से निरंतर संपर्क में रहकर उचित परामर्श लेते रहें।
शिविर के दौरान न्यायाधीश द्वारा बंदियों की समस्याएं भी सुनी गईं और उन्हें समाधान हेतु आश्वस्त किया गया। इस शिविर में कुल 200 बंदियों ने भाग लिया और विधिक जानकारी का लाभ उठाया।
इस अवसर पर तालुका विधिक सेवा समिति सारंगढ़ के पैरालीगल वॉलिंटियर नारद प्रसाद श्रीवास (थाना कोसिर) तथा उप जेल सारंगढ़ के समस्त जेल स्टाफ उपस्थित रहे।



