Home Blog विशेष परियोजना के तहत पक्के आवास निर्मित कराने वाला पहला जिला

विशेष परियोजना के तहत पक्के आवास निर्मित कराने वाला पहला जिला

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*सफलता की कहानी*
*कांकेर जिले की एक और बड़ी उपलब्धि*

*प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत माओवाद पीड़ित परिवारों को मिल रहा पक्के आवास का लाभ*

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उत्तर बस्तर कांकेर 04 अगस्त 2025/ शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के सकारात्मक विस्तार के चलते अब हर वर्ग विकास की मुख्य धारा से जुड़ने लगा है। बस्तर में माओवाद अधोपतन की ओर है और इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है नक्सलवाद प्रभावित एवं पीड़ित परिवारों का शासन की योजनाओं के प्रति विश्वास। प्रदेश में माओवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (विशेष परियोजना) लागू की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर एवं उप मुख्यमंत्री व पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के अथक् प्रयासों से आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए स्वीकृत आवास को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी तारतम्य में इस योजना के तहत 3 माह के कम समय में ही पक्की छत सहित पहला पक्का आवास सबसे पहले कांकेर जिले में पूर्ण हुआ है, यह जिले के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मण्डावी ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत उलिया के नक्सल पीड़ित परिवार श्रीमती दसरी बाई नुरूटी के पति श्री दोगे नुरूटी की विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादी घटना में मृत्यु हो गई थी, जिसे विशेष परियोजना मार्च 2025 में आवास स्वीकृत किया गया एवं माह मई 2025 से आवास निर्माण कार्य प्रारंभ करते हुए लगभग 3 माह की अल्प समयावधि में आवास निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। हितग्राही के हौसले के कारण कठिन परिस्थिति के बावजूद आवास तैयार हो गया और नुरूटी परिवार को पक्का मकान मिल गया।
हितग्राही श्रीमती दसरी बाई ने बताया कि आवास ब्लॉक मुख्यालय से अत्यंत दूर होने के कारण वहां पहुंचने के लिए चारपहिया वाहन चलने के लिए कोई मार्ग नहीं है, जिसके कारण निर्माण सामग्री ले जाने में अधिक कठिनाइयां आईं। हल्की बरसात होने के साथ ही दोपहिया वाहन के साथ भी पहुंचना अत्यंत मुश्किल होता था, जिसके चलते समय पर मिस्त्री एवं लेबर भी पहुंचने के लिए मना करते थे। साथ ही अंदरूनी क्षेत्र होने से निर्माण सामग्री को ले जाने के लिए भी लागत सामान्य क्षेत्र के मुकाबले अधिक पड़ जाती थी। ब्लॉक मुख्यालय से अत्यंत दूर होने के कारण राजमिस्त्री की भी कमी के बावजूद यह आवास तैयार किया गया। इसके पश्चात् ग्राम पंचायत के द्वारा व्यक्तिगत रूप से लगातार निरीक्षण करते हुए समस्याओं को समाधान करने हेतु तत्परता आवास टोली के माध्यम से हितग्राही के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया तथा सामग्री पहुंचाने में विशेष सहयोग किया गया। यह सब जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत संभव हुआ है, जिन्होंने नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास हेतु संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है। कम समय में नुरूटी परिवार को पक्के आवास की सुविधा मिलने पर श्रीमती दसरी बाई ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्रमांक/ 807/सिन्हा

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