Employees are angry due to delay in paddy lifting, mental stress increased – Demand for immediate action from the Collector
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – विपणन वर्ष 2024-25 के तहत खरीदे गए धान का उठाव अब तक अधूरा है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी और तनाव का माहौल है। 28 फरवरी की अंतिम तिथि बीत जाने के बावजूद जिले के 16 उपार्जन केंद्रों में अब भी 49502 बोरी धान उठाव से शेष है। इससे न केवल नुकसान की आशंका बढ़ गई है, बल्कि कर्मचारियों पर सुकृत भरपाई का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
धानौरा लैंप्स के प्रबंधक रामेश्वर भगत ने बताया कि उनके केंद्र में 23919 क्विंटल धान खरीदा गया था, जिसमें से अब भी 410 क्विंटल धान धमतरी के एक मिलर द्वारा नहीं उठाया गया है। स्थिति यह है कि जिले के 30 में से 16 लैंप्स में यही हालात बने हुए हैं। उठाव में देरी से धान का वजन घटने और गुणवत्ता में गिरावट का खतरा भी बढ़ गया है।
इस देरी के चलते लैंप्स कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। नाराज कर्मचारियों ने कल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए शेष धान के शीघ्र उठाव की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार निवेदन के बावजूद मिलर्स धान नहीं उठा रहे हैं, जिससे वे मानसिक तनाव में हैं और प्रशासन को इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करना चाहिए।




