*नीति आयोग ने मावा मोदोल योजना को सराहा, अपने ब्लॉग में देश के बेस्ट 17 प्रैक्टिस में किया शामिल*
उत्तर बस्तर कांकेर 17 अगस्त 2025/ कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में संचालित “मावा मोदोल” निःशुल्क कोचिंग संस्थान संचालित किया जा रहा है। इसके द्वितीय चरण प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन रविवार 17 अगस्त को जिला मुख्यालय में किया गया, जिसमें 1474 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
जिला सीईओ श्री हरेश मंडावी से मिली जानकारी अनुसार कोचिंग में प्रवेश हेतु 3500 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए जिला मुख्यालय में 5 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे जिनमें नरहरदेव में 459, शहीद रामकुमार कन्या विद्यालय में 486, डाइट भवन व बीएड कॉलेज में 215, सेजेस महाविद्यालय में 82 तथा मावा मोदोल कोचिंग केंद्र में 232 छात्र-छात्राएँ सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि परीक्षा में 240 अंकों का स्क्रीनिंग टेस्ट और 10 अंकों की काउंसलिंग निर्धारित की गई है। मावा मोदोल कोचिंग संस्थान कांकेर एवं भानुप्रतापपुर में संचालित हो रहा है, जहाँ क्रमशः 300-300 छात्रों के लिए सीटें निर्धारित हैं। इस बार पालकों और विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए सीटों में वृद्धि की गई है। नए बैच की शुरुआत 1 सितम्बर 2025 से की जाएगी। यहाँ सीजीपीएससी, व्यापम, रेलवे, बैंक सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी विषय विशेषज्ञों द्वारा कराई जाएगी।
नीति आयोग, नई दिल्ली ने भी जिले की इस पहल की सराहना की है। आयोग ने मावा मोदोल को देश के 17 बेस्ट प्रैक्टिस में शामिल कर अपने ब्लॉग में स्थान दिया है। इसे जिले के लिए शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि यह प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी एवं अन्य वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक नवाचार किए जा रहे हैं।
कलेक्टर और जिला सीईओ ने इस उपलब्धि पर सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संस्था से जुड़े लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।



