Home Blog जीपीडीपी पर केन्द्रित कार्यशाला में “टुगेदर टुवर्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन“ विषय पर परिचर्चा

जीपीडीपी पर केन्द्रित कार्यशाला में “टुगेदर टुवर्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन“ विषय पर परिचर्चा

0

Discussion on the topic “Together Towards Transformation” in the workshop focused on GPDP

पंचायतों के वास्तविक विकास के लिए अधिकारी परस्पर समन्वय से कार्य करें : कलेक्टर

Ro.No - 13672/156

उत्तर बस्तर कांकेर, 04 सितंबर 2025/ ग्राम पंचायत विकास कार्यक्रम (जीपीडीपी) के तहत निचले स्तर पर इसके बेहतर क्रियान्वयन हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन अंतर्गत जिला प्रशासन एवं गैर शासकीय संगठन के संयुक्त के तत्वावधान में आज एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में विभिन्न प्रकार के बिंदुओं का समावेश कर स्वसहायता समूहों को अधिक सशक्त बनाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की सक्रिय सहभागिता व समन्वय पर आधारित विस्तृत परिचर्चा हुई, जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आयुक्त मनरेगा श्री तारण प्रकाश सिन्हा और संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती प्रियंका महोबिया ने वीडियो कान्फं्रेसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया।

शहर के एक निजी होटल में जिला प्रशासन और ‘प्रदान’ संस्था के तत्वावधान में ‘टुगेदर टुवर्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में डिस्कस पैनल के अंतर्गत परिचर्चा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सिंह ने अपने वर्चुअली उद्बोधन में कहा कि जीपीडीपी का ग्राम स्तर पर वास्तविक क्रियान्वयन बहुत जरूरी है। जब तक ग्रामों में इसकी पहुंच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक सही मायने में यह अधूरा है। उन्होंने जिले के नरहरपुर ब्लॉक में स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई मैपिंग की प्रशंसा की। इसी तरह मनरेगा आयुक्त श्री सिन्हा ने कांकेर जिले में जीपीडीपी के उल्लेखनीय क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि प्राचीनकाल से ही बस्तर लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण का केंद्र रहा है। संचालक श्रीमती महोबिया ने भी समूहों के सशक्तिकरण के लिए विभाग द्वारा तैयार की जा रही कार्ययोजना के संबंध में संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि पंचायतों को डिजिटल साक्षरता के तहत क्यूआर कोड भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस दौरान परिचर्चा में उपस्थित कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने प्रश्नोत्तरी सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमिका सिर्फ निर्माण कार्यों पर केन्द्रित नहीं होनी चाहिए, अपितु समस्याओं एवं मांगों का स्थानीय स्तर पर निराकरण किया जाना भी जरूरी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका जैसे मूलभूत कार्यों में सृजनात्मक एवं सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। कार्यशाला में कलेक्टर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीपीडीपी का वास्तविक क्रियान्वयन तभी संभव है, जब पंचायत निकायों और विभागीय अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को निचले स्तर पर ईमानदारी पूर्वक लागू करना होगा। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के विकास के लिए ‘सोशल कैपिटल’ की अवधारणा को लागू करने पर जोर दिया। इस अवसर पर डीएफओ भानुप्रतापपुर श्री हेमचंद पहारे और जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी ने भी ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण एवं सहभागिता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

इसके पहले कार्यशाला में विभिन्न ग्रामों से आई स्व सहायता समूह की महिलाओं ने समूह विकास, आजीविका तथा आर्थिक सशक्तिकरण पर अपने अनुभव साझा करते हुए फील्ड में आई समस्याओं और उनके समाधानकारक प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही ऑनलाइन क्वेश्चनेयर के दौरान विभिन्न विषयों पर उपस्थित लोगों से ई-फीडबैक भी लिया गया। इस दौरान जीपीडीपी पर आधारित पुस्तिका का विमोचन कलेक्टर एवं मंचस्थ अतिथियों के द्वारा किया गया। इसके अलावा जीपीडीपी पर उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों की महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर संस्था की डॉ. हर्षा सहित जिला स्तर के विभागीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ और बड़ी संख्या में विभिन्न स्वसहायता समूह की महिलाएं मौजूद थीं।

क्यूआर कोड के एक क्लिक से मिलेगी पंचायत की जानकारी

कार्यशाला के समापन सत्र में आज कलेक्टर एवं जिला सीईओ द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों को क्यूआर कोड वितरित किया गया। अब ग्रामीणों को सिर्फ क्यूआर कोड पर एक क्लिक से पंचायत में संचालित योजनाओं एवं विभिन्न प्रकार के कार्यों जैसे मनरेगा सहित विभिन्न गतिविधियों को और अधिक पारदर्शी व सहभागी बनाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि स्मार्ट फोन से उक्त क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पिछले तीन वर्षों के दौरान संबंधित पंचायत में मनरेगा के कार्य, उस पर खर्च हुए राशि, जॉब कार्डधारी, कुल सृजित मानव दिवस, व्यय आदि की रियल टाइम जानकारी इससे मिल सकेगी। पंचायतों को सूचना प्रौद्योगिकी से जोड़ने की यह अनूठी पहल सिद्ध होगी। जिला सीईओ ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों को यूनिक क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here