नारायणपुर: नारायणपुर से कोंडागांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. सड़कों की खस्ताहालत का खामियाजा मुसाफिर और वाहन चालक तो भुगत ही रहे हैं. स्कूली बच्चे भी इन सड़कों की जर्जर हालत के लिए जिला प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं. दरअसल आज धौड़ाई से सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा प्रतियोगिता में भाग लेने जगदलपुर जा रहे स्कूली बच्चों की बस गड्ढों और कीचड़ में फंस गई. समय पर मदद न मिलने से बच्चे प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाए.
बच्चों की गाड़ी कीचड़ में फंसी: शनिवार सुबह 11 बजे नारायणपुर जिले के धौड़ाई के स्कूली बच्चे जगदलपुर में आयोजित सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रवाना हुए. लेकिन रास्ते में ही उनकी बस नारायणपुर-कोंडागांव मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति के कारण गहरे गढ्ढों और कीचड़ में फंस गई. ड्राइवर और स्थानीय लोगों ने गाड़ी को वहां से निकालने की काफी कोशिश की लेकिन गाड़ी टस से मस नहीं हुई. बच्चे घंटों वहां फंसे रहे. प्रतियोगिता शुरु होने का जो समय था वो भी निकल गया. प्रतियोगिता में शामिल होने निकले बच्चों ने कहा कि सड़क की खस्ताहालत की वजह से वो प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाए. प्रतियोगिता में शामिल होने का उनका सपना अधूरा रह गया.
खस्ताहाल सड़क से गुजरना है मुश्किल:
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर आए दिन ऐसे ही हालात रहते हैं. कुछ छोटी गाड़ियां तो यहां से निकल जाती हैं लेकिन बड़ी गाड़ियां फंस जाती हैं.
ग्रामीण हैं परेशान: स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना है कि सड़क की जर्जर हालत के चलते उनके काम नहीं हो पाते हैं. अगर फसल लेकर इस रास्ते से जाना होता है तो उनको काफी मुश्किलें होती हैं. मरीजों को अगर डॉक्टर के पास ले जाने की जरुरत पड़ती है तो उनको डर होता है कि कहीं एंबुलेंस ही कीचड़ में न फंस जाए. दिन तो कई बार मरीजों को ले जाने की व्यवस्था भी हो जाती है. रात के वक्त तो यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने के बराबर होता है.
नक्सल प्रभावित जिला है नारायणपुर:
नक्सल प्रभावित जिलों में शासन की ओर से सड़कों को बनाने और उसे दुरुस्त किए जाने की कवायद जारी है. लेकिन इस मुख्य मार्ग को दुरुस्त करने का जिम्मा अभी तक किसी को नहीं दिया गया है. स्थानीय लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द सड़क को ठीक किया जाए. इसी सड़क से आए दिन सुरक्षाबलों का भी आना जाना होता है.



