छत्तीसगढ़ में इस वक्त साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और चिंता की बात यह है कि पढ़े-लिखे लोग भी इसका आसानी से शिकार हो रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बिलासपुर में सामने आया है, जहाँ एक महिला को सिर्फ वॉट्सएप पर एक ग्रुप में जुड़ने की वजह से 16 लाख रुपये का बड़ा नुकसान झेलना पड़ा.
टिकरापारा स्थित जलाराम मंदिर के पास रहने वाली 40 वर्षीय महिला परविंदर कौर के वॉट्सएप नंबर को किसी ने अनजान ग्रुप में जोड़ दिया. महिला ने अपने वॉट्सएप नंबर को उस ग्रुप से एक्जिट नहीं किया और उसी ग्रुप में बनी रही. जिसका खामियाजा महिला को 16 लाख रुपये चुका कर करना पड़ा. जिसके बाद महिला थाने पहुंची और अंजान लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
महिला से 16 लाख की ठगी:
बिलासपुर कोतवाली सीएसपी गगन कुमार ने घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया महिला ने खुद के साथ साढ़े 16 लाख के सायबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई है. जिसके मुताबिक “महिला का मोबाइल नंबर किसी वॉट्सएप ग्रुप में एड कर दिया गया. उसमें ट्रेडिंग रिलेटड इंफोर्मेशन दिया जाता था. महिला ने एक हफ्ते तक ग्रुप को ऑब्जर्व किया. इसके बाद महिला ने ग्रुप में दिए एप में दिलचस्पी दिखाई. जिसके बाद महिला को एपीके फाइल की लिंक दी गई. महिला ने प्ले स्टोर से एप डाउनलोड किया और उसमें लगभग साढ़े 16 लाख रुपये इंवेस्ट कराए. महिला ने ग्रुप एडमिन से अपने पैसे वापस लेने की बात कही. लेकिन पैसे वापस नहीं मिले. जिसके बाद महिला ने बिलासपुर कोतवाली थाने मे केस दर्ज कराया.”
साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से कैसे बचें?
साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच, यह बेहद ज़रूरी है कि आप अपने आप को सुरक्षित रखें. बिलासपुर में हुई घटना, जहां एक महिला को ₹16 लाख का नुकसान हुआ, यह दिखाती है कि धोखेबाज़ नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. यहां कुछ सावधानियां दी गई हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद को इन खतरों से बचा सकते हैं:
- अज्ञात ग्रुप से तुरंत बाहर निकलें: अगर आपको कोई अनजान व्यक्ति किसी वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ता है, तो तुरंत उस ग्रुप से बाहर निकल जाएं. किसी भी लिंक या जानकारी पर भरोसा न करें.
- अज्ञात ऐप्स डाउनलोड न करें: हमेशा गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) या ऐप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही ऐप्स डाउनलोड करें. किसी भी वॉट्सएप ग्रुप या अनजान लिंक के ज़रिए भेजे गए एपीके (APK) फाइल को कभी भी इंस्टॉल न करें. ये अक्सर मैलवेयर होते हैं जो आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं.
- लालच में न आएं: अगर आपको कम समय में ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने का वादा किया जाए, तो सतर्क रहें. ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर किए जाने वाले वादे अक्सर धोखाधड़ी होते हैं. हमेशा यह याद रखें कि अगर कोई चीज़ सच होने के लिए बहुत अच्छी लग रही है, तो शायद वह सच नहीं है.
- निजी जानकारी साझा न करें: किसी भी व्यक्ति या ग्रुप के साथ अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी (OTP), क्रेडिट कार्ड नंबर, या कोई अन्य निजी जानकारी साझा न करें.
- पुलिस से संपर्क करें: अगर आपको लगता है कि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं.



