बिजली हाफ योजना बंद करना जनता से बेमानी है
बिलासपुर, मनीष सिंह प्रदेश संयोजक छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस
ने कहा कि, प्रदेश में बिजली की कीमतों में प्रति यूनिट 20 पैसे की बढ़ोसी ने आम जन्ता के साथ-साथ राज्य के किसानों की भी कमर तोड़ दी है। इस वृद्धि में घरेलू उपभोक्ताओं, उद्योगों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से, कृषि क्षेत्र को सीधे प्रभावित किया है, जिससे राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ऊर्जा विभाग स्वयं मुख्यमंत्री विश्णुदेव साय के पास है। ऊर्जा विभाग के वर्तमान आकड़े अनुसार एकल बत्ती 15 लाख 16 हजार 283, कृषि पम्प कनेक्शन
5-लाख 94 हजार 277, एल.टी (घरेलु) कनेक्शन
63-लाख 45 हजार 448, एमटी व्यवसायिक) कनेक्शन -हजार -सी 99 है।
मूल्य वृद्धि का कोई ठोस कारण नहीं है
मनीष सिंह ने कहा कि यह वृद्धि तब हुई है जब छत्तीसगढ़ कोयला और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। हम नकेवल अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि इन संसाधनों को आपूर्ति दूसरे राज्यों को भी करते हैं। ऐसे में बिजली मूल्य वृद्धि का कोई तोस कारण नहीं दिखता महंगाई के इस दौर में आम जनता आर्थिक बोझ से परेषान है।
मनीष सिंह ने कहा कि, प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा हमारी ‘बिजली हाफ योजना
को बंद करने से जनता पर आर्थिक बोझ की दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ, बिजली की कीमतें बढ़ाई गई हैं, वहीं दूसरी तरफ रियायती पोजना को लगभग खत्म कर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों और किसानों
को मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि ने घरेलु बजट को पूरी तरह प्रभावित किया है और छोटे व्यवसायों की लागत कई गुना बढ़ गया है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। इस अप्रत्याशित वृद्धि से आम नागरिकों में भारी असंतोष है, क्योंकि उनकी दैनिक जीवन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
किसानों पर प्रभाव
मनीष ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य होने के नाते, छत्तीसगढ़ के किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर बिजली पर निर्भर हैं। बिजली की बढ़ती कीमतें सोधे तौर पर उनकी उत्पादन लागत में वृद्धि कर रही हैं। कई छोटे और
सीमांत किसान अब अपनी फसलों को सिंचाई के लिए बिजली का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी पैदावार और जीविका पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति न केवल किसानों की आर्थिक स्थिरता को चुनौती देती है, बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा को भी खतरे में डालती
उन्होंने कहा सरकार कहीं हुई बिजली दरों को तुरंत वापस ले। किसानों के लिए कृषि पंपों पर विशेष सब्सिडी या रियायती बिजली दर लागू करें। किसानों के लिए कृषि पंपों पर विशेष सब्सिडी या रियायती बिजली दर लागू करें। राज्य में बिजली उत्पादन और वितरण प्रणाली में सुधार किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी वृद्धि को रोका जा सके।



