सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने एक दिवसीय हड़ताल में शामिल हो कर दिया समर्थन
सरकार द्वारा किए गए वादों की बारात निकाल किया विरोध प्रदर्शन
कांकेर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा जबरदस्त जोश और उत्साह के दुगने प्रवाह के साथ कांकेर जिला एनएचएम इकाई द्वारा वादों की बारात निकाली गई मोदी की गारंटी लागू करो प्रशासन तुम्हारी, तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी, दमन किया तो और लड़ेंगे दमन के आगे नहीं झुकेंगे, संविदा प्रथा बंद करो दोहरी नीति बंद करो बंद करो, कमेटी कमेटी का खेल बंद करो अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है के नारों की दहाड़ से गूंज उठा। धरना स्थल पर सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने एक दिवसीय हड़ताल में शामिल हो कर बरखास्तगी और एनएचएम के 10 सूत्रीय मांगों के लिए नैतिक समर्थन देते हुए हड़ताल के 26 वे दिन 1 दिन के लिए आंदोलन में शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ एवं पूर्व संगठन मंत्री विधान चंद्र कर एवं विधायक विधानसभा क्षेत्र कांकेर आशा राम नेताम जी को ज्ञापन सौंप कर जल्द से जल्द मांगो को पूरा करने निवेदन किया गया।
*एनएचएम कर्मचारियों की जिलाध्यक्षों की बड़ी बैठक सम्पन्न — हड़ताल लिखित आदेश तक जारी रखने का निर्णय,*
प्रशासन हड़ताल को समाप्त करने का कई हथकंडे अपना रहा हैं,
कर्मचारियों ने कहाँ मुख्यमंत्री जी मांगो पर सकरात्मक निर्णय लेकर मोदी की गारंटी को पूरा करें,
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 26वें दिन भी जारी है। आंदोलन की स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिलाध्यक्षों एवं प्रांतीय पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक रायपुर में सम्पन्न हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नियमितीकरण, ग्रेड पे सहित 10 सूत्रीय मांगों पर सरकार द्वारा लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
कर्मचारियों ने कहा कि वह 18 अगस्त 2025 से जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते 20 वर्षों से बिना सामाजिक सुरक्षा, नौकरी की सुरक्षा और न्यूनतम वेतनमान के कार्य करने के बावजूद सरकार कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।
जिला अध्यक्ष दीपक वर्मा ने कहा कि कोरोना काल सहित सभी आपात स्थितियों में एनएचएम कर्मियों ने अपनी सेवाएँ दीं। आज भी सुदूर ग्रामीण, वनांचल और शहरी क्षेत्रों में सीमित साधनों व कम वेतन पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। बावजूद इसके, सरकार ने सकारात्मक निर्णय लेने के बजाय कर्मचारियों पर कार्यवाही करना शुरू कर दिया है। यदि समय रहते नियमितीकरण और ग्रेड पे की फाइल पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता तो प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट की यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
कांकेर जिले में हड़ताल के 26 वें दिन मिनी स्टेडियम कांकेर से लेकर पुराना बस स्टैंड कांकेर तक रैली के माध्यम से नारेबाजी करते हुए सरकार द्वारा किए गए वादों की बारात की बारात निकाल कर सरकार से अपनी नियमितीकरण, ग्रेड पे सहित 10 सूत्रीय मांगों को पूरा करने विरोध जताकर प्रदर्शन किया।..



