Farmer training program organized on operation and importance of agricultural machinery
उत्तर बस्तर कांकेर 04 नवम्बर 2025/ कृषि क्षेत्र में कृषि यंत्रीकरण का उपयोग विभाग फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना की अनुसूचित जाति उपयोजना अंतर्गत कृषि यंत्रीकरण का उपयोग विषय पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बीरबल साहू ने कृषि अभियांत्रिकी का कृषि में महत्व के बारे में जानकारी दी। तत्पश्चात प्रमुख परियोजना अन्वेषक एवं विभागाध्यक्ष फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर डॉ. राजेश कुमार नायक द्वारा खेत की तैयारी एवं बुवाई हेतु विभिन्न कृषि यंत्रों का उपयोग के संबंध में चर्चा की गई। उन्होंने कृषकों को जानकारी देते हुए बताया कि खेत में मिट्टी के बेलों को तोड़कर भुरभुरी करने हेतु रोटावेटर, नाली या मेड़ बनाने हेतु रीजर, मिट्टी को फोड़ने हेतु कल्वेटर, कम्बाईनड हार्वेस्टर आदि यंत्रों का उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सहायक कृषि अभियांत्रिकी श्री प्रवीण वर्मा ने कहा कि कृषकों को श्रमिकों के अनुपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सभी कृषकों को यंत्रीकरण अपनाने की नितांत आवश्यकता है। कृषि केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. नरेन्द्र हरिदास तायडे़ ने भी कृषि उपयोगी यंत्रों के परिचालन एवं रखरखाव के संबंध में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में कृषकों को उपयोगी कृषि यंत्र प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में शाहवाड़ा, पुसावण्ड एवं कोटेला के अनुसूचित जाति वर्ग के 52 कृषक सम्मिलित हुए।




