Allegations of irregularities have been made against the Adivasi Seva Cooperative Society in Kurna.
किसानों ने प्रबंधक को हटाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन, जांच और कार्रवाई की उठी मांग
सरोना । आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कुरना के अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र चारभाटी में कथित अनियमितताओं और मनमानी के विरोध में किसानों का आक्रोश सामने आया है। कोहकाटोला में किसानों की एक बैठक आयोजित कर समिति के प्रबंधक गुलशन सिंन्हा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने कहा कि लंबे समय से समिति के कार्यों में पारदर्शिता नहीं है, जिससे उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी के समय और खाद्य बीज वितरण के दौरान नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। समय पर धान की खरीदी नहीं होने और खाद्य बीज वितरण में देरी के कारण किसानों को कई-कई दिनों तक केंद्र के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके अलावा कई किसानों के दस्तावेजों का मिलान बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबित रखा जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि केंद्र में कार्यरत धान खरीदी प्रभारी एवं बारदाना प्रभारी को पिछले खरीदी सत्र 2023-24 से अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। मजदूरी भुगतान लंबित रहने के कारण संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
किसानों ने प्रबंधक गुलशन सिंन्हा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने धान खरीदी प्रभारी लोमन जुरी पर दबाव डालकर 253 कट्टा धान किसान कुबेर नेताम एवं फकीर कुंजाम के नाम से बेच दिया। आरोप है कि इस पूरे मामले में किसानों से पैसे भी लिए गए। किसानों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में लिखित शिकायत की जा चुकी है और जांच भी हुई थी, जिसमें उप पंजीयक द्वारा प्रबंधक को हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शाखा प्रबंधक नरहरपुर द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
किसानों का कहना है कि यदि पूर्व में दिए गए निर्देशों का समय पर पालन किया गया होता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। कार्रवाई न होने के कारण समिति के कामकाज पर से किसानों का भरोसा उठता जा रहा है। बैठक में मौजूद किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि अब भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें प्रबंधक गुलशन सिंन्हा को तत्काल पद से हटाना, उनके पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराना, पूर्व में पदस्थ रहे आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष संजय जुरी को पुनः अध्यक्ष पद पर बहाल करना तथा खाद्य बीज का समय पर वितरण सुनिश्चित करना शामिल है।
इस अवसर पर किसान संघ बाल्क अध्यक्ष रतन सिंह वट्टी, पूर्व सरपंच फरस कोड़ोपी ,उप सरपंच बलमकुद, अखिलेंद्र,परऊ कुंजाम ,घनश्याम, जैन कुमार, शिशुपाल मंडावी, संजय वती, परशराम कोड़ोपी, संजय जुरी, दयाराम उईके, राजकुमार, लोकेश मंडावी, चेतन कुंजाम, मुकेश, खुमेश और पंचम सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और सहकारी समिति का संचालन सुचारू रूप से हो सके।



