The Collector expressed displeasure over the slow pace of construction of bridges, culverts, roads, and buildings.
समय-सीमा बैठक में एसआईआर, धान खरीदी, ई-ऑफिस व निर्माण कार्यों की समीक्षा की
उत्तर बस्तर कांकेर, 16 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर लंबित प्रकरणों एवं कार्यों की समीक्षा कर निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान उन्हांने जिले में निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों, भवन तथा अन्य अधोसंरचना के कार्यों की जानकारी ली तथा निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर करते हुए शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा कलेक्टर ने एसआईआर, वर्तमान में धान खरीदी की स्थिति तथा ई-ऑफिस में प्रगति लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसआईआर की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र कुर्रे ने बताया कि बीएलओ द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे कार्य अंतिम चरण में है तथा 18 दिसम्बर तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बीएलओ एवं बीएलए स्तर का कार्यवाही विवरण अभी जारी है। इसी तरह ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यालयीन कार्यवाही के संबंध में बताया गया कि ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर तेजी आने पर जिले की रैंकिंग बढ़ जाएगी। धान खरीदी की प्रगति के संबंध में कलेक्टर द्वारा पूछे जाने पर खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 01 लाख 27 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी पूर्ण हो चुकी है, जो गत वर्ष की तुलना में 105 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान में जिले में बारदाना पर्याप्त मात्रा में है। उन्होंने बताया कि जिले में 01 लाख 01 हजार 203 पंजीकृत किसान हैं, जिनके द्वारा 01 लाख 39 हजार 728 हेक्टेयर पर ली गई धान की फसल का विक्रय किया जा रहा है। यह भी बताया गया कि जिले के 149 धान खरीदी केंद्रों में लगभग 23 प्रतिशत धान की खरीदी की जा चुकी है। वहीं जिले के 04 हजार 640 किसानों के द्वारा 948.450 हेक्टेयर रकबे का समर्पण किया गया है। जिले के किसानों द्वारा टोकन लिमिट बढ़ाए जाने की मांग पर कलेक्टर ने कहा कि 31 जनवरी 2026 तक के लिए किसानों को टोकन जारी किया जा रहा है तथा इसके बाद भी किसानों का धान बच जाता है तो इस संबंध में शासन स्तर पर किसानों के हित में यथोचित निर्णय लिया जाएगा। जिले के दूरस्थ विकासखण्डों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के पुराने स्वीकृत कार्यों के अब तक पूर्ण नहीं होने पर असंतोष जाहिर करते हुए इन्हें जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में कलेक्टर ने मुख्यधारा में लौटे माओवादियों के पुनर्वास नीति के तहत सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उपयुक्त कार्यवाही करते हुए सरलीकृत प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। इसके अलावा कलेक्टर ने एलडब्ल्यूई सर्वे, एनसीएईआर सर्वे, पोषण पुनर्वास केंद्र, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक अंकेक्षण, अटल डिजिटल सेवा केंद्र, पीएम किसान सम्मान निधि, डिजिटल क्रॉप सर्वे, अविवादित खाता विभाजन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर डीएफओ कांकेर श्री रौनक गोयल, जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर श्री बी.एस. पैकरा सहित सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे।



