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सफलता की कहानी : धान बिक्री से पारंपरिक मड़ई मेले की तैयारियों को मिली मजबूती

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Success story: Rice sales strengthen preparations for the traditional village fair.

गितपहर के किसान सेवता पैसों से परिवार का शौक पूरा करेंगे

Ro.No - 13759/40

उत्तर बस्तर कांकेर 26 दिसंबर 2025/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले के किसान अपना धान बेचकर उससे मिले पैसों से जरूरी खर्च के साथ साथ दैनंदिनी का शौक भी पूरा कर रहे हैं। बस्तर संभाग के ग्रामीणों के द्वारा अपनी सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासतों को विशेष रूप से प्राथमिकता दी जाती है। हाट बाजार और मड़ई मेलों में जाकर अपनी पसंद की चीजें खरीदना उन्हें बेहद पसंद है। किसान श्री सराधू राम सेवता भी उन किसानों में शुमार हैं जो धान बेचकर उससे प्राप्त पैसे से अपने सांस्कृतिक और पारंपरिक शौक को पूरा करेंगे।
जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम गितपहर निवासी किसान श्री सेवता ने बताया कि वे 2.5 एकड़ भूमि पर खेती करते हैं और उनके परिवार में कुल 4 सदस्य हैं, जो खेती-किसानी के कार्यों में सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं। किसान श्री सेवता ने धान खरीदी केंद्र गितपहर में 20.80 क्विंटल धान का विक्रय किया है। समर्थन मूल्य पर समयबद्ध धान खरीदी से प्राप्त राशि से उनकी आर्थिक स्थिति में मजबूती आई है। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से मिली राशि का उपयोग वे आने वाले पारंपरिक मड़ई मेले की तैयारियों एवं आवश्यक घरेलू जरूरतों में करेंगे।
किसान श्री सेवता ने राज्य शासन की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था के लिए शासन का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को भी संबल मिल रहा है।

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